संतोष श्रीवास्तव, बहराइच। राजधानी लखनऊ को बहराइच से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। जरवलरोड से 65 किलोमीटर ब्राडगेज लाइन बहराइच तक बिछाई जाएगी। इसमें 530 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
डीपीआर मंजूरी मिलने के बाद अब इस रूट पर पड़ने वाले 62 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। इस रूट पर तीन रेलवे स्टेशन और एक हाल्ट का निर्माण भी होगा। रेल मार्ग बनने से कम खर्च में बहराइच ही नहीं श्रावस्ती, बलरामपुर व नेपाल के लोग भी राजधानी की यात्रा कर सकेंगे।
बहराइच-जरवल रोड नई रेल लाइन बहुप्रतीक्षित परियोजना को अब नई गति मिली है। इसके पूर्ण होने पर जहां एक ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत आधार मिलेगा, वहीं आम जनता को तेज, सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके लिए डेढ़ वर्ष पूर्व रेलवे ने सर्वे करवाया था।
डीपीआर के अनुसार इस लाइन पर जरवल कस्बा, कैसरगंज, फखरपुर रेलवे स्टेशन और परसेंडी शुगर मिल पर एक हाल्ट बनाया जाएगा।
रेल लाइन बिछाने के लिए कैसरगंज तहसील के टेंड़वा महंत, हैबतपुर, पंदूर, घासीपुर, दतौली, खपुरवा, टेंडवा अल्पी मिश्र समेत 18 गांव व बहराइच तहसील के अमीनपुर नगरौर, नगरौर, मसीहाबाद, गोकुलपुर, गुदुआपुर समेत 24 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
इसको लेकर अधिग्रहित अधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट ने कवायद भी शुरू कर दी है। 2027 तक इसके चालू होने की उम्मीद है।
जरवलरोड़-बहराइच के बीच नई रेल लाइन बिछाने के लिए कैसरगंज व बहराइच तहसीलों के 62 गांवों के किसानों की जमीन को अधिग्रहित किया जाएगा। इसको लेकर किसानों से बातचीत कर सामन्जस्य बन गई है। जमीन के अधिग्रहण का कार्य परवान चढ़ रहा है।
- राजेश प्रसाद, अधिग्रहित अधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट। |