WhatsApp के पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स के बारे में डिटेल सामने आई है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। WhatsApp पैरेंटल कंट्रोल और सेकेंडरी अकाउंट पर काम करना जारी रखे हुए है। इसे लेकर पहले भी डिटेल सामने आई थी। पहले, ये पता चला था कि कंपनी नाबालिगों के लिए लिमिटेड फीचर्स वाले रेस्ट्रिक्टेड अकाउंट्स पर काम कर रही है, जिसमें पेरेंट्स के लिए कुछ एक्टिविटी की विजिबिलिटी और अनजान कॉन्टैक्ट्स के साथ बातचीत को रोकने के लिए कंट्रोल होंगे, जबकि मैसेज और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगे। Android के लिए हाल के WhatsApp बीटा बिल्ड से मिली नई जानकारी, जिसमें Google Play Store पर वर्जन 2.26.3.6 शामिल है, अब इस बात की साफ जानकारी देती है कि ये सिस्टम कैसे काम कर सकता है।
WhatsApp का प्राइमरी कंट्रोल्स फीचर पेरेंट्स को एक PIN सेट करने देगा
फीचर ट्रैकर WABetaInfo की एक पोस्ट के मुताबिक, इस फीचर का मकसद पेरेंट्स को उन बच्चों के लिए सेकेंडरी WhatsApp अकाउंट बनाने और मैनेज करने देना है जो या तो WhatsApp की मिनिमम एज की शर्त को पूरा नहीं करते हैं या जिन्हें सुरक्षा कारणों से लिमिटेड एक्सेस की जरूरत है। कहा जा रहा है कि ये अकाउंट सिर्फ सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स तक ही बातचीत को सीमित रखेंगे।
पोस्ट में बताया गया है कि ये फीचर अभी भी डेवलपमेंट में है और अभी बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध नहीं है। उम्मीद है कि WhatsApp डेवलपमेंट पूरा होने के बाद इसे भविष्य के अपडेट में रोल आउट करेगा।
सेटअप के दौरान, पेरेंट्स को कथित तौर पर बच्चे के अकाउंट को अपने अकाउंट से एक QR कोड स्कैन करके और छह नंबर्स का प्राइमरी PIN बनाकर लिंक करना होगा। इस PIN की जरूरत सेकेंडरी अकाउंट पर जरूरी बदलावों को अप्रूव करने और अनऑथराइज्ड बदलावों को रोकने के लिए होगी।
फीचर ट्रैकर द्वारा शेयर किए गए एक स्क्रीनशॉट में टाइट फीचर रेस्ट्रिक्शन के बारे में बताया गया है। सेकेंडरी अकाउंट में शायद अपडेट्स टैब का एक्सेस नहीं होगा, जिसमें चैनल और दूसरे ब्रॉडकास्ट-स्टाइल कंटेंट शामिल हैं, जिसका जिक्र पहले नहीं किया गया था।
WhatsApp की चैट लॉक फंक्शनैलिटी भी उपलब्ध नहीं होगी, जिससे ये पक्का होगा कि बातचीत को डिवाइस-लेवल रिव्यू से छिपाया नहीं जा सकता। उम्मीद है कि ये लिमिटेशन अनजान कंटेंट के संपर्क को कम करेंगे और छिपी हुई एक्टिविटी को रोकेंगे।
मिली जानकारी के मुताबिक पेरेंट्स कुछ एक्टिविटी भी देख पाएंगे, जैसे कि जब कोई नया कॉन्टैक्ट जोड़ा जाता है। लेकिन, फिर भी उन्हें मैसेज कंटेंट या कॉल डिटेल्स का एक्सेस नहीं होगा। फीचर ट्रैकर के मुताबिक, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन में कोई बदलाव नहीं होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक सेकेंडरी अकाउंट तब तक माता-पिता के अकाउंट से जुड़े रहेंगे जब तक उन्हें मैनुअल तरीके से हटाया नहीं जाता या जब तक बच्चा WhatsApp की सेवा की शर्तों के तहत परमिटेड उम्र तक नहीं पहुंच जाता। नई पोस्ट के मुताबिक, उस समय, अकाउंट अपडेटेड शर्तों को स्वीकार करने के बाद पूरे फीचर्स के साथ एक रेगुलर WhatsApp प्रोफाइल में बदल सकता है।
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