पश्चिमी विक्षोभ के चलते बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज बिगाड़ा। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पश्चिमोत्तर के पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और उसके हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड तक बढ़ने का प्रभाव शनिवार को गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी दिखने को मिला। गोरखपुर में सुबह से ही बादलों में डेरा डाले रखा।
धूप की राह की राह को रोके रखा। कुछ स्थानों पर सुबह बूंदबांदी हुई तो मौसम का मिजाज बिगड़ता दिखा। इसके चलते दिन के चढ़ते तापमान पर न केवल विराम लगा बल्कि गिरावट भी दर्ज की गई।
अधिकतम तापमान बीते दिन के मुकाबले दो डिग्री सेल्सियस गिर गया, जिसके चलते लोगों को लौटती ठंड का अहसास हुआ। बादलों के चलते न्यूनतम तापमान बढ़ गया, जिससे ठंड का लौटना अहसास तक ही सीमित रहा। मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का ज्यादा प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सिमटकर रह गया। गोरखपुर में उसका मामूली प्रभाव बूंदाबांदी व बादलों के रूप में देखने को मिला। ऐसा ही पूर्वानुमान भी था।
मौसम विभाग के अनुसार मौसम के इस बदलाव का प्रभाव अधिकतम अगले दो दिन तक दिखेगा। बादल प्रभावी रहेंगे। धूप नम रहेगी। दो दिन बाद धूप की चमक लौटेगी और एक बार फिर तापमान तेजी से चढ़ने लगेगा। अगले दो दिन तक अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड होगा।
यह भी पढ़ें- गोरक्षनगरी में 3,437 पटरी व्यवसायियों को मिलेगा क्रेडिट कार्ड, यह लोग उठा सकेंगे पीएम स्वनिधि योजना का लाभ
उसके बाद अधिकतम तापमान 25 के पार और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड होगा। ऐसे में न तो दिन में ठंड प्रभावी रहेगी और न ही रात में उसका असर दिखेगा। धूप तेज होने से वातावरण साफ होगा। आर्द्रता का प्रतिशत कम होने से हवा का शुष्क होना शुरू हो जाएगा। यही स्थिति गोरखपुर के आसपास के जिलों के मौसम की भी रहेगी। |
|