यह तेजी ऐसे समय आई है जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे साल का मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किया है. इसी अपडेट ने बाजार का भरोसा बढ़ाया है.IREDA का शेयर पिछले एक महीने में 26.15 फीसदी चढ़ चुका है. यानी जिन निवेशकों ने हाल में इस शेयर में दांव लगाया, उन्हें अच्छा फायदा मिला है. अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी.
बिजनेस अपडेट ने बढ़ाया भरोसा
कंपनी ने बताया कि 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष में लोन सैंक्शन 9 फीसदी बढ़कर 51,883 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल यह 47,453 करोड़ रुपये था.वहीं लोन डिस्बर्समेंट 16 फीसदी बढ़कर 34,946 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष में 30,169 करोड़ रुपये था.
सबसे अहम बात यह रही कि कंपनी का आउटस्टैंडिंग लोन बुक 22 फीसदी बढ़कर 93,075 करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले साल यह 76,282 करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है.

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
मार्केट एक्सपर्ट ने सीएनबीसी आवाज़ पर बताया कि जिन निवेशकों के पास शेयर है, वे लंबी अवधि के नजरिए से होल्ड कर सकते हैं. हालांकि नए निवेशकों को अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए और कंपनी के नतीजों व मैनेजमेंट गाइडेंस पर नजर रखनी चाहिए.
टेक्निकल चार्ट क्या बता रहे हैं?

एक्सपर्ट के मुताबिक, शेयर ने गिरावट वाली ट्रेंडलाइन तोड़ी है, जो तेजी का संकेत है. स्टॉक अपने अहम EMA स्तरों के ऊपर पहुंच चुका है. हालांकि 140 रुपये के पास 200-दिन का SMA बड़ा रेजिस्टेंस है. अगर इसके ऊपर मजबूती से निकलता है तो अगली तेजी शुरू हो सकती है.नीचे की तरफ 127 से 124 रुपये का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है.
एक्सपर्ट के अनुसार, 130 रुपये पर सपोर्ट और 140 रुपये पर रेजिस्टेंस है. अगर शेयर 133 रुपये के ऊपर टिकता है तो 144 रुपये तक जा सकता है.
वहीं एक्सपर्ट ने कहा कि शेयर चार्ट पर मजबूत दिख रहा है और निकट अवधि में 155 रुपये तक जा सकता है. उन्होंने 130 रुपये का स्टॉप लॉस रखने की सलाह दी है.


पिछली तिमाही भी रही मजबूत
कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार नतीजे दिए थे. नेट मुनाफा 37.5 फीसदी बढ़कर 584.9 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 425.4 करोड़ रुपये था.
ऑपरेशंस से आमदनी 25 फीसदी बढ़कर 2,130 करोड़ रुपये रही. वहीं नेट इंटरेस्ट इनकम 34.8 फीसदी बढ़कर 897.5 करोड़ रुपये पहुंच गई.
कंपनी क्या करती है?
IREDA एक नवरत्न सरकारी कंपनी है, जो Ministry of New and Renewable Energy के तहत काम करती है. यह रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस देती है. मार्च 2025 तक कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 71.76 फीसदी थी.
|