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यूपी के राजकीय पाॅलिटेक्निक संस्थान बनेंगे एक्सीलेंस सेंटर, कानपुर सहित बुंदेलखंड़ के नौ संस्थान इसमें शामिल

deltin33 2025-11-9 22:37:10 views 779
  



जागरण संवाददाता , कानपुर। युवाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित कर बेहतर भविष्य से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल हो रही है। इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, थ्रीडी प्रिंटिंग, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स जैसे नए क्षेत्रों के इंजीनियर तैयार करने के लिए प्रदेश के राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों को एक्सीलेंस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। इस योजना के तहत कुल 121 संस्थानों में सुविधाओं का विकास किया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

  
पहला चरण शुरू

पहले चरण में 45 संस्थान चुने गए हैं। इन 45 संस्थानों में भी कानपुर देहात समेत बुंदेलखंड के नौ संस्थान शामिल हैं। इन सेंटरों पर अत्याधुनिक तकनीकी के 13 नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। दुनिया भर के बड़े आटोमोटिव, एयरोस्पेस और औद्योगिक मशीनरी निर्माताओं को इंजीनियरिंग और डिज़ाइन सेवाएं, डिजिटल समाधान और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग सेवाएं देने वाली टाटा टेक्नोलाजीज लिमिटेड (टीटीएल) ने इस संबंध में प्रदेश सरकार से एमओयू किया है।

  
प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित होंगी

इसके तहत सभी चयनित पालिटेक्निक संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट आटोमेशन और 3डी प्रिंटिंग की प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सेंटर आफ एक्सीलेंस बनने वाले ऐसे संस्थानों पर 6,935.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिसमें से 87 प्रतिशत लगभग 6,034 करोड़ रुपये टीटीएल की ओर से खर्च किए जाएंगे। सभी सेंटर आफ एक्सीलेंस में उद्योग की मांग के अनुरूप अत्याधुनिक मशीनें, डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएं, और हाइ-टेक कार्यशाला स्थापित होंगी।

इतना खर्च आएगा

प्रत्येक सेंटर के विकास में 57.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा उद्योग की जरूरतों के हिसाब से 13 नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे जिससे उद्योगों की जरूरत के अनुरूप इंजीनियरिंग सिखाई जा सके। इस पहल का उद्देश्य डिप्लोमा सेक्टर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना, उनके प्लेसमेंट को बेहतर बनाना और उन्हें स्टार्टअप तथा उद्यमिता के लिए तैयार करना भी है।

  

बुंदेलखंड के नौ पालिटेक्निक का चयन


सेंटर आफ एक्सीलेंस योजना में कानपुर देहात समेत बुंदेलखंड के नौ राजकीय पालिटेक्निक संस्थान को शामिल किया गया है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राजकीय पालिटेक्निक गाजियाबाद , मेरठ, सहारनपुर समेत 11 संस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, प्रयागराज समेत 15 और मध्य उत्तर प्रदेश से बरेली, लखनऊ, अयोध्या समेत 10 और बुंदेलखंड के राजकीय पालिटेक्निक झांसी, ललितपुर, उरई जालौन, महोबा, बरगढ़ चित्रकूट, हमीरपुर, राजकीय पालिटेक्निक घाटमपुर - कानपुर , औरेया व कानपुर देहात के संस्थान को शामिल किया गया है।




टीटीएल ने पहले चरण में जिन 45 राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों को शामिल किया है। उनमें आधारभूत सुविधाओं का विकास होने के साथ प्रशिक्षण सुविधा भी शुरू कराई जाएगी। समझौते के तहत 13 नए पाठ्यक्रमों को भी लागू किया जाना है। इस दिशा में भी काम हो रहा है।
- फजल खान, निदेशक, शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान कानपुर
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