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आतंकियों की पनाहगाह बन रहा फरीदाबाद! हो रहा ये खेल, पुलिस भी कंफ्यूज

deltin33 2025-11-11 10:37:03 views 1258
  

फरीदाबाद में पुलिस की ढिलाई के कारण आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं।



जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। पुलिस की उदासीनता और ढीले रवैये के कारण औद्योगिक नगरी आतंकियों की पनाहगाह बनती जा रही है। पिछले एक साल में यहां दो आतंकी गिरफ्तार हो चुके हैं। मार्च में पाली गांव के एक खेत में बने कमरे से आतंकी अब्दुल रहमान को पकड़ा गया था। पुलिस ने अब्दुल के पास से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यह कार्रवाई भी गुजरात पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर पलवल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने की थी। इसके बाद पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चिकित्सक डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया था। डॉ. मुजम्मिल के बारे में फरीदाबाद पुलिस को जम्मू-कश्मीर पुलिस से सूचना मिली थी। नतीजतन, फरीदाबाद पुलिस दोनों बार आतंकी के छिपने के स्थान से अनजान रही। यदि किराए के मकानों और घरेलू सहायकों का सत्यापन किया जाता तो किसी आतंकी को पनाह नहीं मिलती।

आतंकियों का मिलना पुलिस के सत्यापन अभियान पर सवाल खड़े करता है। जब कोई किरायेदार संदिग्ध पाया जाता है तो पुलिस मकान मालिक के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है।
पुलिस के पास किरायेदारों का कोई रिकॉर्ड नहीं

सत्यापन के अभाव में, औद्योगिक नगरी में रहने वाले किरायेदारों का कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है। अगर उन्हें किसी संदिग्ध किरायेदार को ढूँढना भी हो, तो उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सत्यापन के संबंध में, पुलिस का तर्क है कि किरायेदार की सूचना थाने में देना या ऑनलाइन सत्यापन कराना मकान मालिक की ज़िम्मेदारी है। आमतौर पर कोई सत्यापन नहीं करता, और जो लोग थाने या पुलिस चौकी में किरायेदारों और घरेलू सहायकों के आधार कार्ड या अन्य फोटो पहचान पत्र जमा करके सत्यापन करते हैं, वे फाइलों में दबे रहते हैं।
फतेहपुर तगा में विकसित हो रही कॉलोनियों में 500 से ज़्यादा किरायेदार

जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के संयुक्त अभियान में बरामद 2,900 किलोग्राम विस्फोटक भी फतेहपुर तगा गाँव के एक किराए के मकान में छिपाकर रखा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में नई कॉलोनियाँ विकसित हो रही हैं। लोग बाहर से आकर यहाँ कमरे किराए पर लेते हैं। इसलिए, गाँव वालों को भी इनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। पूर्व सरपंच ज़ैद के अनुसार, पुलिस को स्वयं नई विकसित कॉलोनियों में सत्यापन अभियान चलाना चाहिए ताकि प्रत्येक किरायेदार का रिकॉर्ड दर्ज किया जा सके।



किरायेदार के सत्यापन की ज़िम्मेदारी मकान मालिक की है। इसके लिए पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हम इस संबंध में लापरवाही या लापरवाही के स्तर की समीक्षा करेंगे। इस व्यवस्था को सुधारा जाएगा।

-सतेंद्र गुप्ता, पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद
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