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हापुड़ के आलू किसानों की टेंशन होगी खत्म! DM ने किया ये वादा

Chikheang 2025-11-11 13:07:30 views 1287
  

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे आलू किसानों को आश्वासन दिया



जागरण संवाददाता, हापुड़। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय चार दिन से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे आलू किसानों से मिलने पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों को उनके आलू का भुगतान कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने किसानों का भुगतान लेकर फरार हुई कंपनी उत्कल के अधिकारियों को तलब किया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जिलाधिकारी ने किसानों से कड़ाके की ठंड के कारण बुजुर्ग किसानों को घर भेजने का आग्रह किया। हालांकि, किसानों ने डीएम के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वे भुगतान मिलने के बाद ही लौटेंगे। जिले के आलू किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उत्कल ट्यूबर प्राइवेट लिमिटेड ने किसानों को ऊंचे दामों पर आलू के बीज उपलब्ध कराए थे और बदले में उनकी उपज ऊंचे दामों पर खरीदने का वादा किया था।

मई 2025 में हुए इस अनुबंध के तहत कंपनी ने हापुड़ के कनिया कल्याणपुर, बाबूगढ़ और आसपास के गांवों के सैकड़ों किसानों के साथ-साथ मेरठ के किसानों को भी बीज उपलब्ध कराए। किसानों ने कंपनी के अधिकारियों संजय महंत, परवीर, अमित तोमर और तरुण के साथ लिखित समझौता किया। जून-जुलाई 2025 की आलू की फसल कंपनी को सौंप दी गई, लेकिन भुगतान नहीं मिला। औसतन प्रति किसान ढाई से तीन लाख रुपये बकाया हैं।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित कुमार के अनुसार, किसानों ने बीज के बदले अपनी उपज दी, लेकिन कंपनी ने भुगतान नहीं किया। अब आर्थिक तंगी के कारण कई किसान अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं। परेशान किसानों को अब कंपनी के प्रतिनिधि धमका रहे हैं।

परेशान किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान समरपाल सिंह, समीर रहमान, मेघराज, कुलदीप सिंह, मुनेश, संजय, शोकेंद्र और दीपक ने घोषणा की है कि समस्या का समाधान होने तक वे धरना जारी रखेंगे। किसान पांच दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे हैं।
\“मैं आपका दर्द समझता हूं\“

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कलेक्ट्रेट पहुँचे। रास्ते में वे अपनी गाड़ी से उतरे और सीधे किसानों के पास पहुँचे। जिलाधिकारी ने कहा, “मैं आपका पैसा किसी भी कीमत पर वापस दिलवाऊँगा। यह लोकतंत्र है, आपको विरोध करने का अधिकार है।“ मेरा सुझाव है कि आप बुजुर्ग को घर भेज दें। बहुत ठंड है और वे बीमार पड़ सकते हैं।

किसानों ने बिना पैसे लिए अपना धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। ज़िला मजिस्ट्रेट ने किसानों को बताया कि उत्कल कंपनी के अधिकारियों को मंगलवार को बुलाया गया है। इस बार वे आलू का भुगतान करने के बाद ही जाएँगे। किसानों ने कहा कि डीएम के आश्वासन के बाद उन्हें पूरा भरोसा है कि उन्हें उनका भुगतान मिल जाएगा।


एक कंपनी पर किसानों का आलू का भुगतान बकाया है। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके बावजूद, उन्हें भुगतान नहीं किया गया है। हमने कंपनी के अधिकारियों को बुलाया है। उनसे किसानों का एक-एक रुपया वसूला जाएगा।
- अभिषेक पांडे - ज़िला मजिस्ट्रेट।
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