search
 Forgot password?
 Register now
search

मुंबई की अदालत का क्लर्क 15 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने जज को बनाया वांछित आरोपी

deltin33 2025-11-13 13:37:40 views 1276
  

रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मुंबई के मझगांव के सिविल सेशन कोर्ट के एक क्लर्क को 15 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। क्लर्क द्वारा यह रिश्वत मुंबई के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की ओर से भूमि विवाद के एक मामले में अनुकूल फैसला सुनाने के बदले ली जा रही थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया है कि एक सिविल क्लर्क-सह-टाइपिस्ट को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। वहीं, न्यायाधीश को वांछित आरोपी बनाया गया है।
न्यायाधीश पर भ्रष्टाचार का आरोप

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को चंद्रकांत वासुदेव नाम के क्लर्क को गिरफ्तार किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मझगांव स्थित सिविल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एजाजुद्दीन सलाउद्दीन काजी को इस मामले में वांछित आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में यह पहली ऐसी घटना हो सकती है जिसमें किसी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया हो।
25 लाख की डिमांड

एंटी करप्शन ब्यूरो ने बताया कि शिकायतकर्ता से शुरुआत में 25 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिनकी पत्नी ने कंपनी के स्वामित्व वाली जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी। बाद में बातचीत करके यह रकम घटाकर 15 लाख रुपये कर दी गई। मांगे गए 25 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये कथित तौर पर वासुदेव का हिस्सा थे और 15 लाख रुपये जज काजी के लिए थे।
मझगांव स्थित सिविल सत्र न्यायालय में ट्रांसफर किया गया मामला

अप्रैल 2016 में, हाईकोर्ट ने विवादित जमीन पर तीसरे पक्ष के अधिकारों के निर्माण पर रोक लगा दी थी। चूंकि जमीन का मूल्यांकन 10 करोड़ रुपये से कम था, इसलिए वाणिज्यिक मुकदमा मझगांव स्थित सिविल सत्र न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया।

एसीबी ने बताया कि 9 सितंबर, 2025 को शिकायतकर्ता के एक कार्यालय सहयोगी को वासुदेव का फोन आया, जब वह सिविल सत्र न्यायालय की कोर्ट संख्या 14 में मौजूद थे।

वासुदेव ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से उपनगरीय चेंबूर स्थित एक कॉफी शॉप में मुलाकात की, जहां उसने 25 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी रकम देने से इनकार करने के बाद, वासुदेव ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग करते हुए बार-बार फोन किए, जिससे शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया और 10 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई।
ऐसे हुआ गिरफ्तार

एसीबी के निर्देशों का पालन करते हुए, शिकायतकर्ता ने अदालत परिसर में वासुदेव से मुलाकात की और 15 लाख रुपये देने पर सहमति जताई। इसके बाद वासुदेव ने न्यायाधीश काजी को भुगतान के बारे में सूचित करने के लिए फोन किया, और न्यायाधीश ने कथित तौर पर रिश्वत की बात स्वीकार की। इसके बाद वासुदेव को गिरफ्तार कर लिया गया।

वासुदेव और न्यायाधीश काजी दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वासुदेव को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि न्यायाधीश काजी अभी भी वांछित आरोपी हैं। आगे की जांच जारी है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- इंजीनियर जुबैर की गिरफ्तारी के बाद ATS की ठाणे-पुणे में छापेमारी, लादेन का भाषण और कई दस्तावेज जब्त
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
467521

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com