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नोएडा में ऑनलाइन लेनी होगी पेड़ काटने की अनुमति, देना होगा पूरा विवरण; डेटा होगा सुरक्षित

LHC0088 2025-11-17 00:07:17 views 880
  

वन विभाग शहरवासियों की मुश्किलों को कम करने के लिए एक सुविधा देने जा रहा है।



चेतना राठौर,जागरण, नोएडा। वन विभाग शहरवासियों की मुश्किलों को कम करने के लिए एक सुविधा देने जा रहा है। इसके पहले भी पेड़ों को काटने के लिए अनुमति तो ली जाती थी, लेकिन उसका रिकार्ड फाइलों में सुरक्षित नहीं रहता था। आनलाइन होने के बाद डाटा सुरक्षित रखा जा सकेगा। जिले में किसी भी पेड़ को गिराना, हटाना, जड़ से उखाड़ना या जड़ प्रणाली से तना तोड़ना या किसी भी तरह से एक पेड़(पेड़ों) को नष्ट करना है तो उत्तरप्रदेश वन विभाग के आनलाइन पोर्टल पर जानकारी साझा कर अनुमति लेनी होगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यह अनुमति वनाधिकारी द्वारा ही स्वीकृत की जाएगी। अब तक पेड़ काटने के लिए विभाग के कार्यालय पहुंचकर अनुमति लेने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ते थे,इस सुविधा से लोगों को विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। अनुमति लेने के लिए पोर्टल पर आवेदन करना होंगे।
देना होगा पेड़ का विवरण

पेड़ काटने की स्वीकृति के लिए पेड़ काटने के कारण सहित पेड़ की प्रजातियों का विवरण, ऊंचाई, बेसल क्षेत्र के रूप में परिधि, पेड़ की स्थिति (मजबूत, रोगग्रस्त, मृतप्रायः, मृत, क्षतिग्रस्त, हवा से गिरा, या किसी अन्य खासियत के साथ) का जानकारी देनी होगी।
वन विभाग की टीम करेगी निरीक्षण

एक पेड़ काटने पर दस पौधे रोपने होंगे। इसके साथ एक हजार का भुगतान करना होगा। जमा की जाने वाली राशि का एनएससी (नेशनल सेविग सर्टिफिकेट), किसान बंध पत्र आदि के माध्यम से जमा करना होगा। हरा पेड़ काटने से पहले वन विभाग की शर्तों का पालन करना होगा। लगाए जाने वाले पौधे जब तक वृक्ष में तब्दील नहीं हो जाते वन विभाग इसकी मानीटरिग करेगा। 10 पौधे लगाने के लिए आवेदक के पास जमीन नहीं है तो उसे निर्धारित शुल्क वन विभाग में जमा करना होगा।

इस राशि से विभाग पौधे लगाकर उनका संरक्षण करेगा। शीशम, सागौन, आम, नीम, महुआ, पीपल, बरगद, गूलर, पाकड़, पलाश, बेल, कुसुम, असना, जामुन, इमली आदि के वृक्षों को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। प्रतिबंधित श्रेणी वाले प्रजातियों के पेड़ काटने की अनुमति के लिए आवेदक को 10 पौधे रोपने व संरक्षण का शपथ पत्र देना होगा। आज्ञा शुल्क और सिक्योरिटी राशि भी जमा करनी होगी।


पेड़ काटने की अनुमति लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे लोगों को विभाग तक नहीं आना होगा। - रजनीकांत मित्तल, वनाधिकारी

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