LHC0088 • 2025-11-17 11:36:45 • views 1268
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कूड़ा फेंकने की शिकायत पर जांच करने पहुंचे गोला थाना के दो पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया गया। घर के अंदर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। डायल 112 की सूचना पर थानेदार गोला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। फिर किसी तरह से शटर का ताला खुलवाकर दोनों पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला। इस दौरान 25 मिनट तक दोनों पुलिसकर्मी बंधक बने रहे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
थाने में दी तहरीर
बरहजपार माफी निवासी मुसाफिर ने थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि गांव के हरिवंश का परिवार उनके खेत में छत के रास्ते कूड़ा फेंकते है। रविवार की शाम शिकायत की जांच करने के लिए दो पुलिसकर्मी पीड़ित के साथ हरिवंश के घर पहुंचे थे। पूछताछ के क्रम में घर में मौजूद महिलाओं ने आरोपों को खारिज कर दिया, लेकिन पुलिसकर्मी और पीड़ित जांच करने के लिए घर के अंदर घुस गए और छत पर पहुंच गए। इसी दौरान किसी ने पीछे से शटर बंद कर अंदर से ताला लगा दिया। जिससे दोनों पुलिसकर्मी अंदर ही फंस गए।
क्या था महिला का आरोप?
महिलाओं का आरोप था कि जांच के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। जबकि घर में कोई पुरुष नहीं था। मना करने पर भी दोनों अंदर घुस गए, उनके पास जांच का कोई कागजात भी नहीं था।
इधर, घटना के बाद पुलिस ने सास, बहू और बाहर से आए हरिवंश के बेटे योगेंद्र को पकड़कर थाने ले आई। वहीं, मामले में ग्रामीणों का कहना है कि योगेंद्र घटना के समय घर पर मौजूद नहीं था। गोला पुलिस का कहना है कि कूड़ा फेंकने की शिकायत की जांच करने दोनों पुलिसकर्मी गए थे। सूचना मिलने पर दोनों पुलिसकर्मियों को साथ ले आया गया। |
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