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Suspended IAS विनय कुमार चौबे पर एसीबी के साथ ईडी का भी कस रहा शिकंजा,जब्त होगी संपत्ति

LHC0088 2025-11-26 01:38:07 views 543
  

निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के विरुद्ध एसीबी के साथ ईडी का भी घेरा कस रहा है।



राज्य ब्यूरो, रांची। निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के विरुद्ध एसीबी के साथ-साथ ईडी का भी घेरा कस रहा है। ईडी ने भी शराब घोटाला मामले में पीएमएल अधिनियम में केस दर्ज किया था और आरोपित तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे तथा उनके रिश्तेदारों व सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस पूरे प्रकरण में ईडी की जांच जारी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसी बीच इधर झारखंड एसीबी ने चौबे की घेराबंदी जारी रखते हुए अब तक चार अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज कर ली है। हाल ही में चौबे के विरुद्ध दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी ने यह खुलासा किया है कि विनय कुमार चौबे ने अपने रिश्तेदारों, सहयोगियों के माध्यम से शेल कंपनियां बनाई और उसमें काले धन का निवेश किया।

एसीबी ने जांच में विनय कुमार चौबे के पास आय से 1.27 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति का खुलासा किया है, जो आय से 53 प्रतिशत अधिक है। एसीबी ने जांच में यह भी पाया कि विनय कुमार चौबे ने अपने काले धन को अपनी पत्नी, ससुर, साला, साला की पत्नी, सहयोगी व सहयोगी की पत्नी के खातों के माध्यम से हेराफेरी की।

एसीबी की जांच में सामने आए तथ्य अब ईडी को अपनी जांच आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। आने वाले समय में ईडी विनय चौबे की संपत्ति को जब्त करेगी।  
एसीबी में दर्ज सभी प्राथमिकियों को भी अपने केस में जोड़ेगी ईडी

पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के विरुद्ध एसीबी में दर्ज सभी प्राथमिकियों को ईडी मनी लांड्रिंग में दर्ज केस में जोड़ेगी। यह भी संभव है कि ईडी कोई अलग ईसीआइआर भी करे।

एसीबी ने भी अपनी जांच में यह उल्लेख किया है कि विनय कुमार चौबे के विरुद्ध जांच में मनी लांड्रिंग के संकेत मिले हैं। यह ईडी के लिए पर्याप्त ग्राउंड है। ईडी को भी अब शराब घोटाला मामले में विनय कुमार चौबे के विरुद्ध चार्जशीट का इंतजार है। ईडी दर्ज प्राथमिकी व चार्जशीट को लेकर अपनी जांच में शामिल करेगी।
एसीबी जांच के आधार पर ही टेंडर आवंटन घोटाला व मनरेगा घोटाला पकड़ा

ईडी ने एसीबी जांच के आधार पर ही बहुचर्चित टेंडर आवंटन घोटाला व मनरेगा घोटाला को पकड़ा। एसीबी जमशेदपुर में दर्ज केस के आधार पर ईडी ने ईसीआइआर किया और ग्रामीण कार्य विभाग के भ्रष्टाचार को पकड़ा।

तत्कालीन पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल आदि को ईडी ने जेल भेजा। इसी तरह खूंटी के मनरेगा घोटाले में एसीबी की जांच के आधार पर ही ईडी ने खूंटी की तत्कालीन डीसी पूजा सिंघल व अन्य के विरुद्ध अपनी जांच को आगे बढ़ाया, कइयों को जेल पहुंचाया। अब शराब घोटाला केस में भी ईडी की जांच को आगे बढ़ाने में एसीबी की जांच का मिलेगा सहयोग।
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