search
 Forgot password?
 Register now
search

बिहार में जेल में बंद कैदी के पेट में हो रहा था तेज दर्द, एक्सरे रिपोर्ट देखकर डॉक्टरों के भी उड़े होश

Chikheang 2025-11-28 23:08:21 views 578
  

आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन। (जागरण)



जागरण संवाददाता, पटना। इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईजीआईएमएस) में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है।

संस्थान में पुलिस ने एक ऐसे मरीज को लाया जो नशे की हालत में चार नुकीले तार व दो पेंसिल निगल लिया था। आईजीआईएमएस प्रशासन के अनुसार एक सजायाफ्ता कैदी के पेट से चार धातु के तार और दो पेंसिल निकाली गईं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यह मामला बेहद चौंकाने वाला था, क्योंकि कैदी ने नशे की हालत में इन वस्तुओं को निगल लिया था, इससे उसकी जान को गंभीर खतरा हो गया था।

नालंदा जिले का निवासी 23 वर्षीय कैदी जो फिलहाल नालंदा जेल में सजा काट रहा था, पेट में दर्द की शिकायत के बाद चिकित्सीय जांच के लिए बेउर जेल से पीएमसीएच भेजा गया था। जहां एक्सरे और अन्य परीक्षणों में पेट में धातु के तार और पेंसिल जैसी वस्तुएं फंसी हुई पाई गईं।

इसके बाद उसे आगे की जांच और इलाज के लिए आईजीआईएमएस रेफर किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा पेट में छिपी इन वस्तुओं को निकालने के लिए एंडोस्कोपी का निर्णय लिया गया। एंडोस्कोपी के दौरान पता चला कि कैदी के पेट में चार धातु के तार और दो पेंसिल छोटी आंत में फंसी हुई थीं।
पांच महीने पहले निगल लिया था तार व पेंसिल

आईजीआईएमएस प्रशासन के अनुसार कैदी ने महज पांच महीने पहले नशे की हालत में इन वस्तुओं को निगल लिया था, जो उसके पाचन तंत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकती थीं। गैस्ट्रो मेडिसिन के सहायक प्राध्यापक डॉ. राहुल कुमार ने कहा कि इन नुकीले तारों और पेंसिल से आंतों में गंभीर संक्रमण और रक्तस्त्राव का खतरा था। यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता, तो यह स्थिति जीवन के लिए खतरनाक हो सकती थी।

सभी अवांछित वस्तुएं अब चिकित्सकों की देखरेख में एंडोस्कोपी द्वारा निकाल दी गईं। डॉ. राहुल कुमार और उनकी टीम ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अपनी समुचित तैयारियों के साथ इस ऑपरेशन को सफलता से पूरा किया।

संस्थान के निदेशक डॉ. बिन्दे कुमार ने कहा कि यह मामला अत्यंत दुर्लभ है, लेकिन हमारे अस्पताल की कुशल चिकित्सकीय टीम ने अपनी विशेषज्ञता और सूझबूझ से इसे सफलतापूर्वक हल किया है। उन्होंने गैस्ट्रोविभागाध्यक्ष डॉ. संजीव झा, डॉ. रविकांत, डॉ. राहुल कुमार और समस्त टीम को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहा।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
157953

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com