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ग्लेनमार्क से लेकर यूनिकेम जैसी प्रमुख कंपन ...

deltin55 2025-10-3 17:03:02 views 1290

नई दिल्ली। भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनियों की दवाएं अमेरिकी बाजार से वापस मंगाई जा रही हैं। अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्लेनमार्क, ग्रेन्यूल्स इंडिया, सन फार्मा, जाइडस और यूनिकेम जैसी प्रमुख दवा कंपनियां विभिन्न कारणों से अपनी दवाओं को अमेरिका से वापस मंगा रही हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण निर्माण प्रक्रिया में आई समस्याएं, दवाओं में अशुद्धियां और लेबलिंग में गलतियां बताई जा रही हैं।   




ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स ने अपनी एजेलिक एसिड जेल के लगभग 13,824 ट्यूब वापस मंगाए हैं। यह दवा कंपनी के गोवा प्लांट में बनाई गई थी। इस दवा के कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसकी बनावट में गड़बड़ी की शिकायत की थी।  
ग्लेनमार्क की अमेरिकी शाखा ने 17 सितंबर को इस दवा के लिए एक क्लास-2 रिकॉल की घोषणा की। क्लास-2 रिकॉल का मतलब होता है कि दवा का इस्तेमाल अस्थायी या उलटने योग्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की संभावना कम होती है।  




इसी तरह, ग्रैन्यूल्स इंडिया ने लगभग 49,000 बोतलें वापस मंगाई हैं, जो अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली एक संयोजन दवा है। इस दवा में अशुद्धि और गुणवत्ता परीक्षणों में खराबी पाई गई, जिसके कारण इसे बाजार से हटाया गया। ग्रैन्यूल्स इंडिया की यह रिकॉल क्लास-3 श्रेणी में आती है, जिसका मतलब है कि यह दवा स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होने की संभावना नहीं रखती।  




सन फार्मा की अमेरिकी शाखा ने भी 1,870 किट्स को वापस मंगाने की घोषणा की है। ये किट्स विशेष रूप से गुर्दे की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले एक इमेजिंग एजेंट से संबंधित हैं। कंपनी को इस दवा के घुलने की जांच में खामी मिली, जिसके चलते 3 सितंबर को क्लास-2 रिकॉल शुरू किया गया।  
इसके अलावा, अहमदाबाद स्थित जाइडस की सहायक कंपनी, जाइडस फार्मास्युटिकल्स (यूएसए) इनकॉरपोरेट ने एंटीवायरल दवा एंटेकाविर टैबलेट की 8,784 बोतलें वापस मंगाई हैं। इस दवा में भी अशुद्धि और खराबी की शिकायतें आई थीं। जाइडस ने 4 सितंबर को इस दवा का क्लास-2 रिकॉल शुरू किया।  
सबसे गंभीर मामला यूनिकेम फार्मास्यूटिकल्स यूएसए इनकॉरपोरेट का है, जिसने दवाओं पर गलत लेबल लगाए जाने पर 230 बोतलें वापस मंगाई हैं। इस गलत लेबलिंग की वजह से मरीजों को गलत दवा मिलने का खतरा था, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत गंभीर हो सकता है। इस कारण यूनिकेम ने 27 अगस्त को क्लास-1 रिकॉल घोषित किया, जो सबसे गंभीर श्रेणी का रिकॉल होता है।






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