search
 Forgot password?
 Register now
search

सूरत : बालि वध और लंका दहन देख गूंजे जय श्रीर ...

deltin55 2025-10-3 17:05:07 views 944
वेसू के रामलीला मैदान में श्री आदर्श रामलीला ट्रस्ट सूरत आयोजित रामलीला में रविवार को सुग्रीव मित्रता बाली वध लंका दहन और शबरी पुन: जन्म कथा का मंचन हुआ। ट्रस्ट के अध्यक्ष रतनकुमार गोयल, मंत्री अनिल अग्रवाल रामलीला के प्रसंग की जानकारी देते हुए बताया कि माता सीता की खोज में निकले श्रीराम व लक्ष्मण माता शबरी की कुटिया पर पहुंच जाते हैं। जहां माता शबरी ने श्रीराम का मीठे-मीठे बेर खिलाकर स्वागत किया।
  माता शबरी श्रीराम को बताती है कि कुछ दूर ऋषिमूक नामक पर्वत है, जहां पर महाराज सुग्रीव और उनकी सेना रहती है, जो सीता का पता लगाने के लिए अवश्य ही मदद करेंगे। भगवान राम और लक्ष्मण पर्वत पर पहुंचते हैं। वहां महावीर हनुमान उनको अपने कंधे पर बैठाकर महाराजा सुग्रीव के पास ले जाते हैं। भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता होने पर दोनों एक-दूसरे को अपने कष्ट बताते हैं। लीला में दिखाया गया कि सुग्रीव भगवान राम से अपना राजपाट वापस दिलाने की याचना करते हैं। प्रभु श्रीराम बालि का वध कर सुग्रीव को उनका खोया राजपाट लौटाते हैं।
  सुग्रीव को राज्य मिलने के बाद हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचते हैं। अशोक वाटिका में उनकी माता सीता से मुलाकात होती है। हनुमान जी माता से आज्ञा लेकर  स्वादिष्ट फलों को पेड़ो से तोड़ कर अपनी भूख को शांत करते हैं। रावण के कहने पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती हे उसी पूंछ से बजरंगबली लंका को जला देते हैं। हनुमान जी माता को आश्वस्त करते हे कि प्रभु आपको लेने शीघ्र ही आयेंगे आप धैर्य रखे माता से आज्ञा लेकर हनुमानजी प्रभु श्री राम के पास वापिस आते है  रामलीला में 29 सितंबर को मंदोदरी संवाद,विभीषण शरणागति, रामेश्वरम स्थापना का मंचन होगा।
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin55

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

12

Posts

1310K

Credits

administrator

Credits
132715

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com