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बसों में सुरक्षा के नाम पर मजाक: दर्जनों मार्शल निकले अपराधी, कई पर महिलाओं से जुड़े मामले

deltin33 2025-10-5 04:06:27 views 1250
  आपराधिक पृष्ठभूमि के निकले बसों में महिला सुरक्षा के लिए तैनात 80 मार्शल





वीके शुक्ला, नई दिल्ली। डीटीसी की बसों में जिन बस मार्शल पर महिला अपराध रोकने की जिम्मेदारी है, इनमें से ही कई अपराधी हैं। पुलिस जांच में बस मार्शल के तौर पर सेवा दे रहे 3500 होमगार्ड में से 80 आपराधिक पृष्ठभूमि के निकले हैं। इन पर महिलाओं की गरिमा भंग करने से लेकर शील भंग करने की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। 374 के पते और आधार कार्ड में गड़बड़ी सामने मिली है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
कइयों के पते भी मिले गलत

डीटीसी ने इन्हें बस मार्शल के काम से हटाकर वापस होम गार्ड मुख्यालय भेज दिया है। उधर, होम गार्ड मुख्यालय ने इन लोगों का पुन: पुलिस सत्यापन कराकर आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को छोड़कर अन्य को क्लीनचिट दे दी है और इन लोगों को ड्यूटी देने के लिए पुन: फाइल दिल्ली सरकार के पास भेजी है।



बसों में महिला सुरक्षा को आधार बनाते हुए लगाए गए बस मार्शल को लेकर पिछले कुछ सालों से विवाद रहा है। यह विवाद उस समय और गहरा गया था जब 2022 में दिल्ली की तत्कालीन आप सरकार के समय बस मार्शल के तौर पर काम कर रहे 10 हजार सिविल डिफेंस वालंटियर को काम से हटा दिया गया था। हालांकि, उससे पहले से होमगार्ड भी बसों में बस मार्शल के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनकी संख्या अब तीन हजार के करीब रह गई है।


464 होमगार्ड के मामले में गड़बड़ी

बस मार्शल के आपराधिक पृष्ठभूमि के होने की सूचना मिलने पर दिल्ली में भाजपा सरकार आने पर परिवहन विभाग ने बसों में बस मार्शल के तौर पर लगे होमगार्ड का पुलिस सत्यापन कराने का का फैसला लिया था। परिवहन विभाग द्वारा दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र के आधार पर जब दिल्ली पुलिस ने जांच की तो 464 होमगार्ड के मामले में गड़बड़ी पाई गई।
विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज

इनमें से 374 ऐसे थे कि बताए गए पते पर पहुंचने पर पुलिस टीम को इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। उन पताें पर आसपास के लोगों ने भी ऐसे किसी व्यक्ति के बारे में भी जानकारी होने से इंकार किया। इन्हीं पताें पर कई के आधार कार्ड भी पाए गए थे जबकि 80 पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज होने के बारे में पुलिस काे जानकारी मिली। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद दिल्ली परिवहन निगम ने 464 होमगार्ड को ड्यूटी हटा दिया।


19 के मामले में केस पेंडिंग

इस पर होमगार्ड मुख्यालय ने इस मामले में पुन: सत्सापन का फैसला लिया और होम गार्ड कमांडेंट एस के शौकीन के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की। इस कमेटी में दिल्ली पुलिस के स्पेशल ब्रांच के एसीपी, आशीष अनन, दिल्ली पुलिस के निरीक्षक जितेंद्र कुमार और होम गार्ड से अधिकारी कंवरपाल सदस्य थे।

समिति ने काम से हटाए गए सभी 464 होम गार्ड के दस्तावेजों का सत्यापन किया, जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को छोड़कर अन्य सभी को क्लीनचिट दे दी है जबकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 80 होम गार्ड में से 61 को अदालतों से बरी बताया है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, केवल 19 के मामले में केस पेंडिंग हैं।


दीवाली काली होने का डर सता रहा



हालांकि, डीटीसी ने ड्यूटी से हटाए गए इन लोगों को फिर से नौकरी पर नहीं लिया है। कुछ दिन पहले होम गार्ड मुख्यालय ने फिर से स्पेशल ब्रांच के पुनः सत्यापन रिपोर्ट वाली फाइल डीटीसी के पास भेजी है।



बस मार्शल के तौर पर सेवाएं दे रहे तीन हजार होम गार्ड के वेतन को लेकर भी मुद्दा गरमा रहा है। बस मार्शल के तौर पर सेवाएं दे रहे इन लोगों को जून से लेकर अभी तक का वेतन नहीं मिला है।



होमगार्ड यहां तक परेशान हैं कि उन्हें दिल्ली परिवहन निगम की जगह होमगार्ड मुख्यालय किसी और विभाग में ड्यूटी दे दे। जिससे उन्हें समय पर वेतन मिल सके। इन लोगों को अपनी दीवाली काली होने का डर सता रहा है।


डीटीसी के प्रबंध निदेशक ने कहा

वेतन में देरी आदि के बारे में पूछे जाने पर दिल्ली परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने अभी कुछ समय पहले डीटीसी में ज्वाइन किया है। उन्होंने अाश्चसन दिया कि वह इस मामले को दिखाएंगे और समय पर वेतन दिलवाने की पूरी कोशिश करेंगे।


इन अपराधों के दर्ज हैं मामले

महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्द बोलने, महिला का शील भंग करने के इरादे से उसे पर हमला करना और आपराधिक बल का प्रयोग करना, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी के लिए दस्तावेजों को असली बता कर इस्तेमाल करना, सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना, किसी व्यक्ति का अपहरण कर बंधक बनाना की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
अपहरण करने के आरोप भी मिले

इसी के साथ किसी को चोट पहुंचाने, मारपीट करने, लापरवाही से वाहन चलाने, किसी विवाहित महिला को अपराधी इरादे से बहला कर उसका अपहरण की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं। ये मुकदमे अदालत में पेंडिंग हैं। स्पेशल ब्रांच की रिपाेर्ट के अनुसार हत्या, हत्या का प्रयास सहित कई अन्य धाराओं के तहत दर्ज मुकदमों का अब निपटारा हो चुका है।



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