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मुश्किल में सफर: UP में गहराता जा रहा इंडिगो संकट, फ्लाइटें रद, ट्रेनें फुल, बसों में जगह नहीं

deltin33 2025-12-11 12:37:44 views 591
  

प्राइवेट स्लीपर बस की गैलरी में सोए यात्री। जागरण  



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पूर्वांचल में इंडिगो संकट गहराता जा रहा है। गोरखपुर की फ्लाइटें रद हैं। पूर्वोत्तर रेलवे की ट्रेनें फुल हैं। परिवहन निगम और प्राइवेट बसों में जगह नहीं है। गोरखपुर और बनारस से आठ क्लोन स्पेशल ट्रेनों के चलने से भी लोगों को कोई राहत नहीं मिल पायी है। आरक्षित टिकट के लिए मारामारी मची है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

आरक्षित टिकट नहीं मिल रहा तो लोग प्राइवेट बसों से दोगुणा किराया देकर सफर कर रहे हैं। ट्रेन ही नहीं बसों में भी सीटें नहीं मिल रहीं। लोग गैलरी और गेटों पर खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं। दिल्ली की यात्रा पहाड़ चढ़ने जैसी हो गई है। पंजाब, महाराष्ट्र और गुजरात आदि का आवागमन और मुश्किल हो गया है।  

राप्तीनगर निवासी रमेश कुमार को जयपुर जाना था। ट्रेनों का आरक्षित टिकट नहीं मिला तो उन्होंने प्राइवेट बस से यात्रा करने की योजना बनाई। नौसढ़ से चलने वाली प्राइवेट बस के संचालक ने दो यात्रियों का 4148 रुपये किराया लिया। बस, नौसढ़ से जब आगे के लिए रवाना हुई तो गैलरी भी फुल हो गई। सीट नहीं मिली तो यात्री सुरक्षा को दरकिनार कर यात्री चालक के आगे-पीछे बैठ गए।

यात्रियों का कहना था, यात्रा जरूरी है। चन्द्र भूषण, श्याम बिहारी और दिवाकर आदि यात्रियों ने बताया कि न दिल्ली का टिकट मिल रहा और न जयपुर व अन्य शहरों का। फ्लाइट हो या ट्रेन, रोडवेज की बस हो या प्राइवेट। हर जगह धक्के खाने पड़ रहे। प्राइवेट बस वाले भी यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। नौसढ़ से दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और बेंगलुरु तक एसी स्लीपर प्राइवेट बसें चल रही हैं।

बस संचालक अतिरिक्त सुविधाओं के नाम पर ट्रेनों से दोगुणा किराया वसूल रहे हैं। दिल्ली जाने वाली गोरखधाम और वैशाली आदि ट्रेनों के एसी थर्ड में जहां 11 से 12 सौ में यात्री पूरी हो जा रही, वहीं प्राइवेट बस वाले 28 सौ से तीन हजार रुपये तक किराया वसूल रहे हैं। यही स्थिति अन्य शहरों के लिए भी है। सिर्फ नौसढ़ से ही रोजाना ढेड़ सौ से दो सौ स्लीपर बसें देश के विभिन्न शहरों के लिए चलती हैं।

गोरखपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेश चन्द्र बताते हैं कि दिल्ली जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोजाना एक एसी बस चलाई जा रही है। गोरखपुर-दिल्ली रूट पर बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। चार की जगह सात से आठ बसें चल रही हैं।  

दरअसल, ट्रेनों का वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा है। मुंबई जाने वाली कुशीनगर हो या अवध एक्सप्रेस। स्लीपर और एसी टू क्लास में नो रूम (टिकटों की बुकिंग बंद) की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली रूट पर चलने वाली गोरखधाम और वैशाली में भी टिकट नहीं मिल रहा है। वैशाली में तो 15 दिसंबर तक सभी श्रेणियों में नो रूम की स्थिति बनी हुई है। तत्काल कोटा में भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है।

यह भी पढ़ें- इंडिगो संकट में पूर्वोत्तर रेलवे ने चला दी आठ क्लोन स्पेशल ट्रेनें, बुकिंग शुरू होते ही भर गई सीटें


रेलवे ने फिर शुरू की क्लोन स्पेशल चलाने की तैयारी
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर व बनारस से दिल्ली और मुंबई के लिए फिर से क्लोन ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। परिचालन और वाणिज्य विभाग के अधिकारी नियमित चलने वाली ट्रेनों की वेटिंग की समीक्षा कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि भीड़ नहीं छंटी तो एक से दो दिन में और क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी। क्लोन ट्रेन के लिए अतिरिक्त वातानुकूलित व स्लीपर कोचों की व्यवस्था की जा रही है।

रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर से दिल्ली व मुंबई के लिए दो-दो क्लोन स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही ट्रेनें फुल हो गई थी। रेलवे प्रशासन को क्लोन ट्रेनों में भी वेटिंग टिकट जारी करना पड़ा था।
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