deltin33 • 2025-12-11 19:07:32 • views 1260
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। बंदरों की धमाचौकड़ी के दौरान जैतीपुर के खेड़ा रठ गांव में मकान का छज्जा गिर गया। नीचे खड़े गृहस्वामी उमेश की मलबे में दबकर मृत्यु हो गई। बंदरों की वजह से जिले में आये दिन घटनाएं हो रहीं लेकिन प्रशासन हिंसक हो रहे बंदरों को पकड़वाने को लेकर कोई प्रयास नहीं कर रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
खेड़ा रठ गांव निवासी उमेश मंगलवार रात घर के बाहर खड़े थे। वह हाथ धोने के लिए घर जा रहे थे। बंदरों का झुंड उनके छज्जे के ऊपर कूद रहा था। जिस वजह से छज्जा गिर गिया। मलवा उमेश के सिर पर गिररने की वजह से वह घायल हो गए। स्वजन ने मलवा हटाकर उन्हें बाहर निकाला।
गंभीर हालत में बरेली लेकर जा रहे थे। रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। उनके चार बच्चे चंदन, प्रवेश, प्रेम, रिया है। इन बच्चों की अब पूरी जिम्मेदारी पत्नी अनीता पर आ गई। उमेश अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।
इन लोगों की जा चुकी जान
- 20 सितंबर को कांट क्षेत्र के औधापुर गांव निवासी सफाईकर्मी आशाराम बंदरों के हमले से छत से नीचे गिर गए थे। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
- निगोही में लकड़ी व्यापारी क्षत्रपाल की बेटी स्वार्ति पर दूसरी मंजिल पर बंदरों ने हमला कर दिया था जिससे उनकी नीचे गिरने से मृत्यु हो गई थी।
- इसी तरह गढ़िया रंगीन के गांव गौटिया अंतु निवासी हाकिम की बेटी रीना की बंदरों के हमले में जान चली गई थी।
- तिलहर के चांदपुर गांव में बंदरों के कूदने से टीनशेड व कच्ची दीवार गिर गई थी, जिससे महिला की मृत्यु हो गई थी।
- अल्हागंज क्षेत्र के मुहल्ला अधुई निवासी बुजुर्ग लईक हुसैन की बंदर के हमले से छत से गिरकर मृत्यु हो चुकी है।
- कलान क्षेत्र के मुहल्ला दुर्गा देवी मंदिर निवासी गेंदन लाल शाक्य की चार वर्षीय बेटी अमृता की भी बंदर जान ले चुके है।
- मीरानपुर कटरा के मुहल्ला बंगशान में लकड़ी ठेकेदार रियासत खां की बंदर के हमले में जान चली गई थी।
- खुदागंज क्षेत्र के सदर मुहल्ला निवासी विमलेश कुमारी गले में बंदर के काटने से मृत्यु हो गई थी।
महिला व चार बच्चों की गई थी जान
17 जुलाई 2020 को शहर के वाजिदखेल मुहल्ले में बंदरों ने छत की चारदीवारी को गिरा दिया था, जिससे पड़ोस के घर में आंगन में सो रहीं शबनम व उनके चार बच्चों की मृत्यु हो गई थी। |
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