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आधार OTP के जरिये तत्काल टिकट बुकिंग, तीन करोड़ फर्जी यूजर आइडी का भंडाफोड़

deltin33 2025-12-12 03:07:20 views 732
  

तीन करोड़ फर्जी यूजर आइडी का भंडाफोड़



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फर्जीवाड़े को रोकने और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए आधार आधारित ओटीपी सत्यापन अब 322 ट्रेनों में आनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप इस साल अब तक करीब तीन करोड़ फर्जी यूजर्स के आइडी को खारिज किया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

लिहाजा, इन ट्रेनों में पुष्टि किए गए तत्काल टिकट की उपलब्धता का समय लगभग 65 प्रतिशत बढ़ गया है। सरकार ने यह जानकारी संसद को गुरुवार को दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि आधार आधारित ओटीपी का उपयोग तत्काल बुकिंग के लिए आरक्षण काउंटरों पर भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है, जो अब 211 ट्रेनों में लागू किया गया है।

इसके परिणामस्वरूप 96 लोकप्रिय ट्रेनों में से लगभग 95 प्रतिशत में पुष्टि किए गए तत्काल टिकट की उपलब्धता का समय बढ़ गया है। उपयोगकर्ता खातों के कठोर पुन: सत्यापन और जांच की गई है।

जनवरी, 2025 से 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आइडी को निष्कि्रय किया गया। अनाधिकृत यूजर्स को छांटने और वैध यात्रियों के लिए सुगम बु¨कग सुनिश्चित करने के लिए एंटी-बाट समाधान जैसे एकेएएमआइ तैनात किए गए। संदिग्ध रूप से बुक किए गए पीएनआर के लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की गई हैं।

वैष्णव ने साइबर खतरों से सुरक्षा के लिए नेटवर्क फायरवाल, घुसपैठ रोकने वाले सिस्टम, एप्लिकेशन डिलीवरी कंट्रोलर्स और वेब एप्लिकेशन फायरवाल जैसी सुरक्षा परतों के उपयोग की जानकारी दी। यह प्रणाली एक समर्पित, एक्सेस-नियंत्रित डाटा सेंटर में स्थापित की गई, जिसे सीसीटीवी निगरानी और एंड-टू-एंड एन्कि्रप्शन से सुरक्षित किया गया।

मंत्री ने कहा,\“\“साइबर सुरक्षा स्थिति को और मजबूत करने के लिए रेलटेल कार्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड साइबर खतरे की व्यापक खुफिया सेवाएं देता है। इसमें टेकडाउन सेवाएं, खतरे की निगरानी, गहरी और डार्क वेब निगरानी और डिजिटल जोखिम सुरक्षा शामिल हैं। ये सेवाएं उभरते साइबर खतरों के बारे में सक्रिय व कार्यात्मक अंतर्दृष्टि देती हैं और इसमें सुधार करने में सक्षम बनाती हैं।\“\“

टिकटिंग प्रणाली से संबंधित इंटरनेट ट्रैफिक को सीईआरटी-आइएन और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना सुरक्षा केंद्र (एनसीआइआइपीसी) द्वारा लगातार मानिटर किया जाता है ताकि साइबर हमलों को रोका जा सके।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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