search
 Forgot password?
 Register now
search

सीमा से बड़े पैमाने पर दवाएं तस्करी होकर पहुंच रही हैं नेपाल, हर माह हो रही कार्रवाई, फिर भी नेटवर्क सक्रिय

Chikheang 2025-12-12 14:37:34 views 1248
  

नेपाल बार्डर पर जांच करती पुलिस। जागरण  



जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। नेपाल बार्डर पर प्रतिबंधित कफ सिरप, नींद की दवा और तेज दर्द निवारक गोलियों की तस्करी अब एक संगठित गिरोह के रूप में सामने आ रही है। नेपाल सीमा पर हर माह होने वाली बरामदगी से स्पष्ट है कि यह अवैध सप्लाई चोरी-छिपे नहीं, बल्कि योजनाबद्ध नेटवर्क के तहत की जा रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

दवा माफिया स्लिप पर निकलने वाले पत्तों की दवाओं को कई गुना कीमत पर नेपाल में बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों की संख्या में हर साल पांच से छह प्रतिशत की वृद्धि भी तस्करी के इस पनपते नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

जिले से लगी 68 किमी खुली सीमा पर आवाजाही लगभग बिना रोक-टोक जारी रहती है। मुख्य बार्डर पर सघन जांच होने के बावजूद तस्कर अवसर मिलते ही दवाओं से लेकर अन्य सामान आसानी से पार करा लेते हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश से शुरू हुआ कफ सिरप तस्करी नेटवर्क अब उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैल चुका है।

पुलिस, एसएसबी, एटीएस और ड्रग विभाग सहित कई एजेंसियां इस अवैध कारोबार की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती गांवों में पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल स्टोरों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। कुछ संचालकों की अचानक बढ़ती आर्थिक स्थिति ने भी संदेह पैदा किया है।

आशंका है कि कई मेडिकल स्टोर सिर्फ कवर की तरह संचालित हो रहे हैं, जबकि असली कारोबार प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई है। एजेंसी सूत्रों के अनुसार दवा तस्करी तीन लेयर में चल रही है। नेपाल की दुकानों से स्लिप पर अधिक मात्रा में निकाली गई वैध दवा, बार्डर पार कराने के लिए बनाए गए अस्थायी ठिकाने, होटल, खोखे व वाहन, तथा भारत के भीतर गली-मोहल्लों में अवैध बिक्री नेटवर्क फैला है।

यह भी पढ़ें- नेपाल से भारत में घुसपैठ के आरोपित चीनी नागरिक को सजा, लगाया जुर्माना

तस्करी के लगातार उजागर होते मामलों से यह स्पष्ट है कि सीमावर्ती इलाकों में दवा माफिया का नेटवर्क मजबूत है। एजेंसियां मान रही हैं कि यदि संयुक्त स्तर पर अभियान तेज किया गया तो इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर बड़ा पर्दाफाश संभव हो सकता है।

यह हैं प्रमुख बरामदगियां

  • 13 दिसंबर 2024 – हरिवंशपुर चौकी व एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई, एक मोबाइल दुकान पर छापा, 1140 नशीली दवाएं बरामद।
  • दिसंबर 2024 – लोटन कोतवाली क्षेत्र, पुलिस ने नशीली गोलियों का जखीरा पकड़ा था।
  • फरवरी 2025 – मोहाना थाना क्षेत्र, पुलिस ने 1391 प्रतिबंधित प्राक्सीको स्पास ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की।
  • अक्टूबर 2025 – कपिलवस्तु, नेपाल, कृष्णानगर वार्ड-3 में नेपाल पुलिस ने 19 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल के साथ सिकंदर चौहान को गिरफ्तार किया। शुरुआती तलाशी में 650 कैप्सूल मिले, बाद में बैग से पूरी मात्रा बरामद हुई।
  • 4 दिसंबर 2025 – मोहाना थाना क्षेत्र, ककरहवा, एसएसबी और पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक को रोककर बड़ी मात्रा में दर्द निवारक दवाएं बरामद कीं।


सीमा पर नकली और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। कफ सिरप गड़बड़ी के मामले में डुमरियागंज में मुकदमा दर्ज हुआ है। ठोठरी बार्डर पर हाल ही में नकली दवा पकड़ी गई, जिस पर भी केस दर्ज किया गया। श्रीवास्तव मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति की गई है। पिछले तीन वर्षों में नकली दवाओं को लेकर नेपाल बार्डर पर चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अब तक सौ से अधिक दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अलीगढ़वा में भी नकली दवा के आधार पर मेडिकल स्टोर व निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
-

-नवीन कुमार, औषधि निरीक्षक
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
157953

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com