उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल एसकेएमसीएच
संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच में लावारिस शवों का तय समय सीमा के अंदर अंतिम संस्कार नहीं किये जाने का मामला अब मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया हैं।
मामले को लेकर जिले के मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एसके झा ने राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष दो अलग-अलग याचिका दाखिल किया है। अधिवक्ता ने बताया कि लावारिस शवों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है तथा 20 - 30 दिनों तक में भी लावारिस शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है, जिस कारण लावारिस शवों से दुर्गन्ध आना शुरू हो जाता है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मामले में उचित जांच व कार्रवाई की मांग
कहा कि शव रखने वाले डीप फ्रीज़र वर्षों से खराब हैं, जिस कारण शव रखने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। इस प्रकार के मामले मानवता को शर्मसार करने वाले है, जो मानवाधिकार का उल्लंघन हैं।
पूर्व में भी एसकेएमसीएच से कई मामले प्रकाश में आए हैं, जिसमें नवजात शिशुओं को कुत्तों के द्वारा नोच-नोचकर खाया गया है। अधिवक्ता ने आयोग से मामले में उचित जांच व कार्रवाई की मांग की है। |