cy520520 • 2025-12-13 00:22:24 • views 995
आठ महीने के मिशन के बाद NASA के जॉनी किम सुरक्षित धरती पर लौटे (फोटो सोर्स- एएनआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NASA के अंतरिक्ष यात्री जॉनी किम और रूस के दो कॉस्ममोनॉट सर्गेई रियझिकोव और अलेक्सी जुब्रित्सकी आठ महीने का लंबा वैज्ञानिक मिशन पूरा करके सुरक्षित धरती पर लौट आए। यह मिशन अंतरिक्ष में होने वाले शोध के जरिए धरती पर नई तकनीकों और भविष्य के स्पेस मिशनों के आगे बढ़ाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
नासा के मुताबिक, तीनों अंतरिक्ष यात्री मंगलवार को कजाखस्तान के जेझकजगान शहर के दक्षिण-पूर्व में पैराशूट की मदद से सुरक्षित उतरे। Soyuz MS-27 स्पेसक्राफ्ट 8 दिसंबर की रात 8.41 बजे ISS से रवाना हुआ था और 10.03 बजे लैंडिंग हुई।
मिशन के दौरान क्या-क्या किया?
इस दौरान क्रू ने 245 दिन अंतरिक्ष में बिताए, पृथ्वी का 3920 बार चक्कर लगाया और करीब 104 मिलियन माइल की यात्रा की। किम और जुब्रित्सकी का यह पहला अंतरिक्ष मिशन था, जबकि रियझिकोव अपने तीसरे मिशन के साथ कुल 603 दिन अंतरिक्ष में पूरा कर चुके हैं।
ISS पर रहते हुए जॉनी किम ने कई अहम वैज्ञानिक शोधों में हिस्सा लिया। उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में खून की नसों वाले बायोप्रिंटेड ऊतकों के व्यवहार का अध्ययन किया, जिसमें भविष्य में मरीजों के इलाज के लिए अंतरिक्ष में ऊतक बनाने की तकनीक को आगे बढ़ाया जा सके।
मिशने के फायदे
किम ने Surface Avatar स्टडी के तहत अंतरिक्ष में एक साथ कई रोबोट को दूर से कंट्रोल करने के प्रयोग भी किए। यह तकनीक आने वाले चांद और मंगल मिशनों में रोबोटिक असिस्टेंट विकसित करने में मदद करेगी।
किम ने अंतरिक्ष में DNA जैसे दिखने वाले नैनोमैटेरियल बनाने की प्रक्रिया पर भी काम किया। इससे दवाओं को शरीर के सही हिस्सों तक आसानी से पहुंचाने वाली टेक्नोलॉजी और भविष्य की नए प्रकार की उपचार विधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
लैंडिंग के बाद मेडिकल जांच पूरी होने पर सभी सदस्य कारागांडा ले जाए जाएंगे। इसके बाद जॉनी किम NASA के ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर के लिए उड़ान भरेंगे। पिछले 25 से अधिक वर्षों से ISS पर लगातार वैज्ञानिक काम चल रहा है।
NASA किन मिशनों पर कर रहा काम?
यह स्टेशन लंबे समय तक चलने वाले अंतरिक्ष मिशनों से जुड़ी चुनौतियों को समझने और नई तकनीकें विकसित करने के लिए नासा का अहम प्लेटफॉर्म है। अब निजी कंपनियां लो-अर्थ ऑर्बिट में स्पेस स्टेशन और मानव मिशन सेवाओं पर काम कर रही हैं, NASA अपना ध्यान चंद्रमा और आगे मंगल मिशन की तैयारियों पर केंद्रीत कर रहा है।
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