cy520520 • 2025-12-13 04:37:17 • views 621
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जनवरी में होने वाले चुनाव से पहले कनाडा में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की राजनीतिक स्थिति लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में कंजरवेटिव पार्टी को बड़ा झटका देते हुए उसके सांसद माइकल मा ने पार्टी छोड़कर कार्नी की लिबरल पार्टी का दामन थाम लिया है। इस कदम के बाद लिबरल पार्टी संसद में पूर्ण बहुमत से केवल एक सीट दूर रह गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मार्कहैम-यूनियनविल सीट से सांसद माइकल पिछले एक महीने में दूसरे विपक्षी नेता हैं जिन्होंने कंजरवेटिव पार्टी छोड़कर लिबरल सरकार में विश्वास जताया है।
उधर, कनाडा की राजनीति में यह बदलाव भारत-कनाडा संबंधों के बदलते दौर के साथ भी जुड़ता दिख रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के पद छोड़ने और मार्क कार्नी के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गर्माहट लौटने लगी है।
हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कार्नी के बीच हुई गर्मजोशी भरी मुलाकात ने द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा भरी है।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ) |
|