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बाप रे बाप! Jamtara के बच्चे भी निकल रहे साइबर क्राइम के उस्ताद; 70 लाख की ठगी में महाराष्ट्र पुलिस को नाबालिग की तलाश

deltin33 2025-12-14 15:37:28 views 890
  

ठग बासुदेव दास के साथ जामताड़ा साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल और अन्य पुलिस पदाधिकारी।  



जागरण संवाददाता, जामताड़ा। Jamtara Cyber Crime News: साइबर अपराध के लिए झारखंड का जामताड़ा जिला देशभर में बदनाम है। देशभर की पुलिस साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए जामताड़ा का चक्कर लगाती रहती है। इसी दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बड़े तो बड़े, बच्चे भी साइबर अपराध में हाथ आजमा रहे हैं।

महाराष्ट्र के अमरावती जिले की पुलिस शनिवार को 70,06,047 रुपये की ठगी के मामले में जामताड़ा पहुंची। हालांकि पुलिस को साइबर ठग को अपने कब्जे में लेने में सफलता नहीं मिली, क्योंकि लाखों की ठगी की वारदात को अंजाम देने वाला किशोर मात्र 16 वर्ष का है।

महाराष्ट्र पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की तैयारी कर वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि इस नाबालिग ठग ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले के कई लोगों से ठगी की है और ठगी की रकम 900 से अधिक खातों में ट्रांसफर की है। इनमें कई बैंक खाते ऐसे हैं, जिनसे ऑनलाइन खरीदारी के लिए पैसों का लेनदेन किया गया है।

आरोपित किशोर जामताड़ा शहरी क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। महाराष्ट्र से पहुंची टीम में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर अनिकेत कासार, हेड कांस्टेबल विशाल, अश्विन यादव, अनिकेत वानखड़े सहित अन्य कर्मी शामिल थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह किशोर साइबर ठगी में शामिल एक गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लोगों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहा था। बताया जा रहा है कि इस गिरोह में कई अन्य शातिर अपराधी भी शामिल हैं और इन्हीं इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस जामताड़ा में आगे की जांच में जुटी है।

वहीं, दूसरी ओर एक अन्य मामले में जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने थाना प्रभारी राजेश मंडल की अगुवाई में छापेमारी कर एक ठग को दबोचा है। आरोपित जामताड़ा थाना क्षेत्र के ब्लॉक रोड स्थित मोहल्ला कृष्णकुंज का निवासी बासुदेव दास है। वह मूल रूप से करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सुगापहाड़ी का रहने वाला है।

आरोपित के पास से छापेमारी के दौरान पुलिस ने दस मोबाइल, आठ सिम कार्ड, 15 एटीएम कार्ड, दस चेकबुक, एक आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एक वोटर कार्ड बरामद किया है।

आरोप है कि आरोपित लोगों को एक्सिस बैंक एवं अन्य बैंकों के केवाईसी अपडेट और नवीनीकरण के नाम पर उनके मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करवाता था और इसके जरिए गोपनीय जानकारी हासिल कर उन्हें ठगी का शिकार बनाता था। शातिर के निशाने पर इन दिनों झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के लोग थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
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