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Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या के दिन इस दिशा में लगाएं पितरों की तस्वीर, बरसेगी पूर्वजों की कृपा

deltin33 2025-12-16 18:37:35 views 1259
  

Vastu Tips: कहां लगाएं पितरों की तस्वीर  



धर्म डेक्स, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या (Paush Amavasya 2025) तिथि को महत्वपूर्ण माना गया है। इस तिथि पर पितरों का तर्पण, दान समेत आदि काम किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या पर पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कई लोग घरों में पितरों की तस्वीर को गलत दिशा में लगाते हैं, जिससे उन्हें जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसलिए कहा जाता है कि वास्तु शास्त्र के अनुसार ही घर में पितरों की तस्वीर को लगाना चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों को पूर्वजों की कृपा प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि पौष अमावस्या के दिन किस दिशा में पितरों की तस्वीर लगानी चाहिए।

  

(Image Source: AI-Generated)
किस दिशा में लगाएं पितरों की तस्वीर

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पितरों की तस्वीर लगाने के लिए दक्षिण दिशा को शुभ माना जाता है, क्योंकि दक्षिण दिशा पूर्वजों की मानी जाती है। इसलिए इस दिशा में पितरों की तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है और परिवार के सदस्यों पर पितरों की कृपा बनी रहती है। साथ ही जीवन में कोई भी समस्या नहीं आती है।
कहां न लगाएं पितरों की तस्वीर

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पितरों की तस्वीर को रसोई और बेडरूम में भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के इस नियम का पालन न करने से व्यक्ति के कामों में रुकावट आ सकती है और पितृ नाराज हो सकते हैं। इसलिए पितरों की तस्वीर लगाते समय सही जगह का चयन करें। इसके लिए आप किसी ज्योतिष की भी सलाह ले सकते हैं।

  

(Image Source: AI-Generated)
इन बातों का रखें खास ध्यान

पितरों की तस्वीर को जीवित व्यक्ति की फोटो के साथ न लगाएं। वास्तु के अनुसार, एक ही फ्रेम में पितरों की तस्वीर और जीवित व्यक्ति की तस्वीर लगाने से वास्तु दोष लगता है। अगर आपके पितरों की तस्वीर टूट गई है, तो उसे किसी बहते हुए जल में बहा दें और नई तस्वीर को घर में लगा दें।
पौष अमावस्या 2025 डेट और टाइम (Paush Amavasya 2025 Date And Time)

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार पौष अमावस्या 19 दिसंबर को पौष अमावस्या को मनाई जाएगी।
पौष अमावस्या तिथि की शुरुआत- 19 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 59 मिनट पर
पौष अमावस्या तिथि का समापन- 20 दिसंबर सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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