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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 30 दिन रहेगा पानी का संकट, ठप रहेगी गंगाजल सप्लाई; 20 लाख से ज्यादा लोग होंगे प्रभावित

LHC0088 2025-10-6 17:06:29 views 1168
  छठ और दीपावली के बीच पानी का संकट पैदा हो गया है। (सांकेतिक तस्वीर)





प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। त्योहारों की चमक-दमक के बीच नोएडा की लाखों की आबादी पानी के लिए मजबूर हो सकती है। शहर में आपूर्ति होने वाला 240 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) गंगाजल की आपूर्ति एक महीने तक बंद रहेगी।

दीपावली और छठ पर्व बिना गंगाजल की आपूर्ति के लिए निकलेंगे। प्रतिवर्ष दीपावली और प्रमुख त्योहारों पर गंगाजल की आपूर्ति बंद होती है। प्राधिकरण के हजारों दावों के बीच कई स्थानों पर व्यवस्थित आपूर्ति नहीं होती है।


पानी की टीडीएस 1000 से ज्यादा दर्ज

बोरवेल और रेनीवेल से आपूर्ति में परेशानी होने पर इस समस्या से सीधे 12 लाख से अधिक की आबादी जूझती नजर आ सकती है। गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से अलग-अलग क्षेत्रों में पानी की टीडीएस 1000 से अधिक दर्ज हो रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बता दें नोएडा की 20 लाख की आबादी की गंगाजल की कुल जरूरत 407 एमएलडी है। नोएडा में सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार से 240 एमएलडी गंगाजल मिलता है। यह सीधे तौर पर 12 लाख से अधिक आबादी की प्यास बुझाता है। गंगाजल की आपूर्ति बंद है।


सेक्टर 12 और 22 में पानी की समस्या

प्राधिकरण अपने 10 रेनीवेल और 300 ट्यूबवेल से आपूर्ति करने का दावा कर रहा है। इसके बाद भी पुराने सेक्टर 12 और 22 में पानी की समस्या अभी से खड़ी हो गई है। जिन क्षेत्रों में गंगाजल से आपूर्ति होने पर टीडीएस सामान्य रहता था वहां 1000 से अधिक दर्ज हो रहा है।

दीपावली और छठ पर्व के दौरान पानी की मांग अधिक होगी तो इस स्थिति में प्राधिकरण के पसीने छूट सकते हैं। बीते कई वर्षों से दीपावली पर गंगनहर की सफाई होने से त्योहार के रंग फीके हुए हैं।



बीते वर्ष सेक्टर 19, 22, 105, 12, ग्रुप हाउसिंग परियाजनाओं में आपूर्ति आधे घंटे तक सीमित रह गई थी। बोरवेल से आपूर्ति हो रहे पानी से भूजल से त्वचा रोग, पेट की बीमारियां और बच्चों-बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। छठ पूजा के दौरान नहाने-पूजन के लिए शुद्ध पानी न मिलने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।
पहले नहीं बनाई गई कोई कार्ययोजना

पूर्व में बढ़ती परेशानी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण को तत्काल स्टोरेज रिजर्वायर्स क्षमता 10 से 15 दिनों तक बढ़ाई गई। रेनवाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य नहीं किया गया। करोड़ों लीटर वर्षाजल नाली और नालों में बह जाता है।



मेरठ से बैकल्पिक लाइन बिछाकर भी त्योहार के समय आने वाली इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है। प्राधिकरण की ओर से पर न तो विचार किया गया और न ही कोई कार्ययोजना तैयार की गई।
भूजल निकालना एनजीटी नियमों का उल्लंघन

शहर में भूजल का दोहन नहीं किया जा सकता। यह एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमों के खिलाफ है। गंगनहर की सफाई के चलते बंद हुई पानी की आपूर्ति को पूरा करने के लिए नोएडा प्राधिकरण प्रतिदिन 240 एमएलडी भूजन का दोहन कर शहरभर में पानी की आपूर्ति करेगा।  





गंगनहर की सफाई सिंचाई विभाग की ओर से सिल्ट हटाने के लिए की जाती है। इसका एक समय होता है। वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर ट्यूबवेल हैं। इनसे आपूर्ति की जा रही है। पानी की शहर में कोई दिक्कत नहीं होगी। टीडीएस को कम रखने के लिए को मिलाया जा रहा है।

आरपी सिंह, जीएम जल, नोएडा प्राधिकरण
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