मंदाकिनी की मझधार में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म ने धार्मिक नगरी को झकझोर दिया था
साधु-संतों और आमजन के आक्रोश पर प्रशासन ने अवैध निर्माण बताकर तीन आरोपितों के गिराए थे घर
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। मंदाकिनी की गोद में नाव किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने वालों को न्यायालय ने तो कड़ी सजा सुनाई है और वह सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। इस फैसला ने लोगों को घटना को लेकर याद ताजा कर दी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मध्य प्रदेश जिला सतना के नयागांव थाना क्षेत्र में पांच मई 2023 की रात मंदाकिनी नदी के मझधार पर हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने केवल कानून-व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। जिस तपोभूमि को आस्था, साधना और निर्भय आवागमन का प्रतीक माना जाता है, वहीं नाबालिग के साथ हुई इस घटना से लोगों में भय और आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद साधु-संतों से लेकर स्थानीय नागरिकों तक ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग की। पांच मई की देर रात राघव प्रयाग घाट व भरत घाट के पास मंदाकिनी नदी में नाव पर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सूचना सामने आते ही तपोभूमि में हड़कंप मच गया था।
पुलिस ने शिकायत मिलते ही कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें पीड़िता का परिचित मनोज चौधरी उर्फ मनोज यादव भी शामिल था, जो उसे घुमाने के बहाने भरत घाट तक लाया था। हालांकि आरोपितों की गिरफ्तारी के बावजूद घटना के समय पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
लोगों का कहना था कि जिस क्षेत्र में दिन-रात श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, वहां ऐसी घटना कैसे हो गई। आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग उठी थी।
आठ मई को तीन आरोपितों के गिराए गए थे घर
8 मई 2023 को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों संतोष कुशवाहा, मोहित निषाद उर्फ गोलू और विनोद निषाद के क्योटरा नयगांव स्थित घरों पर बुलडोजर चलाया था। सतना जिले की तहसील मझगवां के एसडीएम जितेंद्र वर्मा, नायब तहसीलदार सुमित गुर्जर, सीओ आशीष जैन और नगर पंचायत अधिकारी विशाल सिंह की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई थी।
भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसमें बरौंधा, धारकुंडी और मझगवां थानों की फोर्स शामिल थी। कार्रवाई के दौरान स्वजन अधिकारियों के सामने गुहार लगाते नजर आए थे। प्रशासन का कहना था कि आरोपितों के मकान अवैध रूप से बने थे। तीन अन्य आरोपित विनोद निषाद, पंकज जोशी व मनोज यादव यूपी क्षेत्र के रहने वाले उत्तर प्रदेश के निवासी थे, जिनके ठिकानों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया अलग स्तर पर करने की बात हुई थी।
पुलिस को आरोपितों ने यह बताई थी घटना
पुलिस ने बताया था कि पीड़िता मध्य प्रदेश के बरौंधा क्षेत्र की रहने वाली है। वहीं, उसका प्रेमी उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के कोतवाली क्षेत्र सुहाना का रहने वाला मनोज यादव था। किशोरी और मनोज अक्सर फोन पर बातें करते थे। पांच मई को किशोरी इलाज के बहाने मां के साथ आई थी और मनोज के पास रूक गई थी।
मनोज ने किशोरी को चित्रकूट घूमने बुलाया था। वह रात करीब एक बजे वह उसे भरत घाट पर ले गया। यहां वे दोनों अकेले थे। इतने में मनोज के पांच और दोस्त अचानक घाट पर पहुंच गए थे। पुलिस के मुताबिक किशोरी को सभी युवक नाव में अगवा कर ले गए थे। मंदाकिनी नदी की मझधार में सभी ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसके बाद वे उसे भरत घाट पर वापस छोड़कर भाग गए थे।
हैदराबाद में काम करता था प्रेमी जोड़ा
मनोज यादव ने पुलिस को बताया था कि किशोरी, उसके परिजन और वह हैदराबाद में प्राइवेट फैक्टरी में काम करते थे। चित्रकूट आने पर वह अक्सर नौका विहार करता था। उसकी कुछ नाविकों से पहचान भी थी। बताया कि दोनों एक सप्ताह पूर्व ही हैदराबाद से लौटे थे। तभी चित्रकूट में मिलने का प्लान बनाया था। |