सोना-चांदी की रिकॉर्ड खरीद से बढ़ा व्यापार घाटा, कितनी बढ़ी इम्पोर्ट वैल्यू और इसका किस पर पड़ा असर?
नई दिल्ली| देश में सोना-चांदी की बढ़ती खरीद का असर अब सीधे व्यापार घाटे पर दिख रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच चांदी के आयात में कीमत के लिहाज से 128.95% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इस दौरान भारत ने 7.77 अरब डॉलर की चांदी आयात की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.39 अरब डॉलर था। मात्रा के हिसाब से भी चांदी का आयात 56.07% बढ़ा है।
सोने की बात करें तो मात्रा में कमी के बावजूद इसकी कुल आयात वैल्यू 1.83% बढ़कर 49.39 अरब डॉलर हो गई, जो पिछले साल अप्रैल-दिसंबर 2024 में 48.51 अरब डॉलर थी। साफ है कि ऊंची कीमतों के बावजूद गोल्ड और सिल्वर की मांग मजबूत बनी हुई है।
इसी बढ़ते आयात का असर जनवरी के व्यापार आंकड़ों में भी दिखा। जनवरी में भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 34.68 अरब डॉलर पहुंच गया, जो दिसंबर में 25.04 अरब डॉलर था। यह अनुमान से कहीं ज्यादा है, क्योंकि अर्थशास्त्रियों ने इसे करीब 26 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया था।
जनवरी में कितना घठा निर्यात?
जनवरी में निर्यात घटकर 36.56 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात बढ़कर 71.24 अरब डॉलर पहुंच गया। अधिकारियों के मुताबिक, सोना और चांदी की ऊंची शिपमेंट ने आयात बिल को बढ़ाया।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान भारत का निर्यात 2.22% बढ़कर 366.63 अरब डॉलर रहा है। पूरे वित्त वर्ष में वस्तु और सेवा निर्यात 860 अरब डॉलर के पार जा सकता है।
अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने की घोषणा की है, जिससे निर्यातकों को राहत मिली है। भारत ने रूसी तेल खरीद घटाने और अमेरिकी सामान का आयात बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।
कुल मिलाकर, गोल्ड-सिल्वर की मजबूत मांग ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई है, वहीं देश के व्यापार संतुलन पर दबाव भी बढ़ा दिया है।
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जनवरी में भारत का वस्तु आयात 19 प्रतिशत बढ़ा
इस वर्ष जनवरी में भारत का वस्तु आयात 19.2 प्रतिशत बढ़कर 71.24 अरब डॉलर रहा है। पिछले वर्ष समान अवधि में भारत ने 59.77 अरब डॉलर का आयात किया था।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि पिछले महीने वस्तु निर्यात 0.61 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 36.56 अरब डॉलर रहा है। इसके साथ ही पिछले महीने व्यापार घाटा 34.68 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
अग्रवाल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में वस्तु व सेवा निर्यात के 860 अरब डॉलर को पार करने की संभावना है। पहले 10 महीनों में वस्तु निर्यात 2.22 प्रतिशत बढ़कर 366.63 अरब डालर हो गया है।
पिछले महीने कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) 13.16 प्रतिशत बढ़कर 80.45 अरब डॉलर और कुल आयात 18.77 प्रतिशत बढ़कर 90.83 अरब डॉलर रहा है। |
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