search

SKMCH के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर-स्वजन में चले लाठी-डंडे, विवाद का वीडियो फुटेज प्रसारित

deltin33 1 hour(s) ago views 447
  

स्वजन के ऊपर गार्ड की ओर से चलाने का प्रसारित वीडियो। फोटो सोशल मीडिया



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच में तीन दिसंबर को इमरजेंसी वार्ड में मरीज के मौत के बाद स्वजन और चिकित्सक के बीच हुई मारपीट का वीडियो प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो की पुष्टि दैनिक जागरण नहीं करता है। वीडियो में चिकित्सक और स्वजन से धक्का मुक्की के बाद अस्पताल के गार्ड स्वजन को पीटते हुए दिख रहे हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसके तुरंत बाद स्वजन शव को लेकर निकलते वक्त फिर चिकित्सक कक्ष में प्रवेश किए और धक्का मुक्की शुरू हो गई। इससे बवाल बढ़ा। सुरक्षाकर्मी समेत कुछ चिकित्सक लाठी-डंडा चलाते दिख रहे हैं। इसपर स्वजन भी हाथ चला रहे हैं। लाठी-डंडा पकड़ रहे हैं। इसके बाद चिकित्सक की ओर से जुटे स्टूडेंट्स की झुंड द्वारा स्वजन को पीटते दिख रहे हैं। यह घटना कटरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर राजगीर पासवान की इलाज के दौरान मौत के बाद हुई थी।

घटना के बाद मृतक के पुत्र प्रकाश कुमार एसकेएमसीएच पुलिस ओपी पर चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद चिकित्सक सुरक्षा की मांग करते हुए इमरजेंसी समेत ओपीडी हड़ताल कर दिया था। अधीक्षक स्तर से पुलिस कार्रवाई के लिए भी आवेदन दिया गया। मामला तूल पकड़ने पर दोनों आवेदन को स्थानीय पुलिस ने जिला प्रशासन को भेज दिया था। इसके बाद डीएम ने एक पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।

अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), एसकेएमसीएच के अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-2 को मिलाकर एक पांच सदस्यीय टीम को रिपोर्ट देनी है। एक माह बीतने के बाद भी अब तक जांच और कार्रवाई होने संबंधित जानकारी मृतक के स्वजन नहीं मिल सकी। वे कार्रवाई की मांग पर अड़े है।

उन्हें एसकेएमसीएच ओपी पुलिस आजकल बोलकर लौट रही है। इधर, बताया जा रहा है कि अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) ने अस्पताल का दौरा करते हुए प्राचार्य और अधीक्षक से बात की थी। आन ड्यूटी चिकित्सक व गार्ड से जानकारी ली थी। ड्यूटी रोस्टर के साथ ही इमरजेंसी वार्ड के सीसीटीवी फुटेज को पेन ड्राइव में सेव कराया था।
नौ वर्ष पहले भी हुई थी इस तरह की घटना

21 अप्रैल 2017 को एसकेएमसीएच इसी तरह की घटना हुई थी। इसके बाद तीन-चार दिनाें तक जमकर बवाल हुआ था। अस्पताल में तोड़फोड़, कार और एंबुलेंस में आगजनी और हास्टल में घुसकर मारपीट जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं।

इसके विरोध में जूनियर चिकित्सक ने इमरजेंसी व ओपीडी सेवा बंद कर दी थी, और अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल था। जिला स्तर पर जांच कमिटी गठित हुई थी। आरोपित स्टुडेंट्स के प्रमाणपत्र निकासी पर डीएम ने रोक लगा दी थी। बाद में स्टुडेंट्स ने कोर्ट के जरिए शपथपत्र देकर अपना प्रमाणपत्र कालेज से हासिल किया था।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1410K

Threads

0

Posts

4310K

Credits

administrator

Credits
436864

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com