गायत्री देवी। (फाइल फोटो)
जुलकर नैन, चतरा। भारतीय जनता पार्टी की झारखंड प्रदेश इकाई द्वारा हाल ही में चतरा जिले के मंडल अध्यक्षों के नामों की घोषणा के बाद एक नया विवाद सामने आया है।
इस मामले ने न केवल पार्टी संगठन के भीतर हलचल पैदा की है, बल्कि जिला चुनाव अधिकारी की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
झारखंड प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के अनुमोदन एवं जिला पर्यवेक्षक की सहमति के पश्चात मंडल अध्यक्षों व प्रतिनिधियों के नामों की सूची जारी की गई थी, इसके बावजूद आवश्यक सतर्कता नहीं बरती गई।
भाजपा ने संगठनात्मक दृष्टि से प्रस्तावित प्रखंड जोरी को मंडल का दर्जा दिया है। जोरी मंडल अध्यक्ष के रूप में गायत्री देवी के नाम की घोषणा की गई है। गायत्री देवी भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं, लेकिन इसके साथ ही वह हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत घंघरी आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के पद पर कार्यरत हैं।
सरकारी नियमों एवं संगठनात्मक प्रावधानों के अनुसार आंगनबाड़ी सेविका अथवा सहायिका किसी भी राजनीतिक दल का पद स्वीकार नहीं कर सकती। यदि ऐसा करना हो, तो पहले उन्हें अपने पद से त्यागपत्र देना अनिवार्य होता है।
बताया जा रहा है कि गायत्री देवी ने बिना त्यागपत्र दिए ही मंडल अध्यक्ष का पद स्वीकार कर लिया है और वर्तमान में वह दोनों पदों पर आसीन हैं। इसको लेकर भाजपा संगठन के भीतर अंदरूनी स्तर पर बहस चल रही है, हालांकि कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा है।
राजनीतिक पद स्वीकार करने से पूर्व आंगनबाड़ी सहायिका को त्यागपत्र देना अनिवार्य है। फिलहाल ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि होगा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -
रेणु रवि, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, चतरा।
आंगनबाड़ी सहायिका मानदेय आधारित पद है और इसमें उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं दिखती। कुछ लोगों की नकारात्मक सोच रखते हैं। उन्हीं की आपत्ति होगी। संगठन ने कोई गलत निर्णय नहीं लिया है। -
रामदेव सिंह भोगता, भाजपा जिलाध्यक्ष, चतरा। |