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सात बड़ी पेयजल योजनाएं 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने के बाद भी चालू नहीं हो सकी हैं।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में चलने वाली नल जल योजना और शहरी और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए पिछले आठ महीने से केंद्रीय सहायता की प्रतीक्षा चल रही है। राज्य सरकार ने इस संबंध में पत्राचार भी किया है। सितंबर महीने में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने तीसरी किस्त की राशि देने पर सहमति भी जताई।
लेकिन लगता है नए साल में भी अभी केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि के लिए पेयजल स्वच्छता विभाग को प्रतीक्षा करनी होगी। राज्य में बोकारो, गढ़वा, आदित्यपुर, रांची, साहिबगंज समेत सात बड़ी पेयजल योजनाओं का काम 70 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है।
लेकिन केंद्र के हिस्से की राशि नहीं मिलने से आगे का काम रुका पड़ा है। संवेदकों को लंबे समय से भुगतान नहीं किया जा सका है। पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस वित्त वर्ष में भी राशि मिल जाए तो कार्य को जून से पहले समाप्त कर लिया जाएगा।
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं भी लटकीं
जल जीवन मिशन के तहत राज्य में करीब 315 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी गई थी। नौ हजार करोड़ की लागत से चलने वाली इन योजनाओं का काम भी राशि के अभाव में बंद पड़ा है। हालांकि 56 प्रतिशत घरों तक पाइप से जल पहुंचाने का कनेक्शन पहुंचा दिया गया है। पेयजल स्वच्छता विभाग इसके लिए भी केंद्रीय सहायता की बाट जोह रहा है। |
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