search

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति में प्रस्तावित संशोधनों पर मांगे सुझाव, जल्द होगा संशोधन

LHC0088 6 day(s) ago views 147
  

जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 में प्रस्तावित संशोधनों पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।



राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश की औद्योगिक नीति 2021-30 में जल्द ही संशोधन होने जा रहा है। प्रस्तावित संशोधन जम्मू कश्मीर में औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के हर संभव अवसर के दोहन और मझोले व लघु स्तर की बीमार औद्योगिक इकाइयों को फिर से जीवंत बनाने के उपायों पर केंद्रित  हैं। इसमें निवेशकों के लिए कई प्रकार के प्रोत्साहण और रियायतों को भी सुनिश्चित बनाया जा रहा है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों को प्रारूप तैयार कर, सभी संबधित पक्षों से उस परसुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। प्रस्तावित संशोधनों के मुताबिक, बीमार औद्योगिक इकाइयों को पुन: जीवंत बनाने के लिए नयी औद्योगिक इकाइयों के बराबर ही प्रोत्साहण व रियायतें दी जाएंगी। बीमार इकाईयों की पहचान, उनकी वैधता-व्यावहार्यता और रोजगार सृजन में उनकी भूमिका के आकलन को तय करने के लिए एक संस्थागत प्रक्रिया तय की जाएगी।
प्रस्तावित संशोधन में दिए गए सुझाव

प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, जोन-ए में आने वाली एमएसएमई इकाइयों को 30 प्रतिशत तक वित्तीय मदद जिसकी अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये होगी, दी जाएगी। जोन-बी में आने वाली इकाइयों को 50 प्रतिशत वित्तीय मदद मिलेगी जिसकी अधिकतम सीम एक करोड़ रूपये तय की गई है।

सभी जोन में महिलाओं के नेतृत्व वाली एमएसएमई इकाईयों को अतिरिक्त लाभ के तौर पर 25 प्रतिशत अधिक वित्तीय मदद दी जएगी। यह लाभ उन एमएसएमई इकाइयों को भी मिलेगा,जिनमें महिलाओं की साझेदारी 51 प्रतिशत या उससे ज्यादा होगी।

प्रस्तावित पहल में पात्र इकाइयों को पांच वर्ष के लिए 100 प्रतिशत एसजीएसटी का पुनर्भुगतान भी शामिल है। माइक्रो इकाइयों के लिए यह फ़िक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एफसीआई) का 200 प्रतिशत, जोन-ए की इकाइयों के लिए इसकी अधिकतम सीमा 150 प्रतिशत होगी।

जोन बी में आने वाली मझोली और लघु इकाइर्याें के लिए 150 प्रतिशत तक पुनर्भुगतान होगा। इसके अलावा सरकारी औद्योगिक संपदा क्षेत्रों में जमीन के लेन-देन जिसमें भूमि पट्टा अनुबंध और मार्गेज भी शामिल है, पर स्टाम्प डयूटी में 100 प्रतिशत की छूट रहेगी।
विशेष प्रोत्साहण/इंसेंटिव देने पर भी हो रहा विचार

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहण/इंसेंटिव दिया जाएगा। प्रारुप के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में रजिस्टर्ड किसी भी इंडस्ट्रियल यूनिट को, जो भारत के किसी मान्यता प्राप्त स्टाक एक्सचेंज, यानी नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) या बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) पर अपनी इक्विटी को सफलतापूर्वक सूचीबद्ध कराती हैं, 50 लाख रुपये का प्रोत्साहण दिया जाएगा।

इस पहल में पेटेंट फाइल करने के लिए प्रोत्साहण राशि का भी प्रस्ताव है, जिसमें दिए गए पेटेंट पर असल फाइलिंग लागत 100 प्रतिशत पुनर्भुगतान होगा। घरेलू पेटेंट के लिए दो लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेंटेंट के लिए पांच लाख रूपये की अधिकतम सीमा है।

प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, हरित और पर्यावरण संरक्षण संबंधित प्रयासों , पर्यावरण अनुकूल इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रक उपकरण लगाने, रूफटाप सोलर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, वेस्टवाटर रीसाइक्लिंग, ज़ीरो-डिस्चार्ज प्रोसेस, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, या पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रमाणित किसी भी अन्य हरित और पर्यावरण अनुकूल उपाय को अपनाने के लिए सब्सिडी दी जाएगी।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
148233

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com