जागरण टीम, अलौली (खगड़िया)। राजद के फायर ब्रांड नेता और अलौली (सुरक्षित) विधानसभा के पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा एक बार फिर विवादों से घिर गए हैं। उनके बड़े पुत्र रामनंदन सदा उर्फ रामानंद सदा (उम्र लगभग 30 वर्ष) ने उनके विधायक के कार्यकाल में आवास योजना का लाभ लिया। रामनंदन उर्फ रामानंद सदा को वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई।
उन्हें विभिन्न किस्तों में कुल एक लाख 20 हजार रुपये की राशि मिली। आवास पूर्ण है। हालांकि, रामनंदन उर्फ रामानंद सदा रौन पंचायत के परास गुलरिया स्थित उक्त आवास में शिफ्ट नहीं किया है। रामनंदन शादीशुदा हैं। वे अपने पिता से अलग होकर रहते हैं।
इस संबंध में रौन पंचायत के मुखिया राम अकबाल कुमार ने कहा कि रामनंदन सदा भूमिहीन हैं। उनको रहने के लिए घर नहीं था। प्रखंड कार्यालय से ही आवास दिया गया है। मुझे पता चला, तो मैंने विरोध नहीं किया, क्योंकि आवास योजना में मुखिया की कोई भूमिका नहीं है।
रौन पंचायत के आवास सहायक सुरेंद्र दास ने कहा कि मेरे पूर्व के आवास सहायक सुमित कुमार ने ही आवास योजना का लाभ दिया था। मेरे द्वारा अंतिम किस्त का भुगतान किया गया। रामनंदन सदा को रहने के लिए घर नहीं था, इसलिए लाभ दिया गया।
इधर, खगड़िया एसडीओ ने अलौली बीडीओ श्वेता कुमारी को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
मालूम हो कि रामवृक्ष सदा 2020 में अलौली से राजद की टिकट पर विधायक चुने गए। बीते विधानसभा चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, पूर्व विधायक की पत्नी सुशीला देवी समेत अन्य पांच स्वजन राशन का भी उठाव कर रहे हैं। राशन कार्ड पर पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा की पत्नी सुशीला देवी समेत पुत्र रामनंदन, कृष्णनंदन, चंदन, श्यामनंदन और पुत्री राजलक्ष्मी के नाम अंकित हैं।
मालूम हो कि राजलक्ष्मी शादीशुदा हैं। उनकी शादी 2025 में हुई है। छह जनवरी 2026 को भी राशन का उठाव किया गया है। यह उठाव पूर्व विधायक के पुत्र श्यामनंदन ने किया है। पॉश मशीन में उनके थंभ (अंगुठा) के निशान मौजूद हैं।
स्थानीय जन वितरण प्रणाली विक्रेता रामानंद राम ने बताया कि छह जनवरी को श्यामनंदन कुमार अपना थंब लगाकर परिवार के छह सदस्यों का राशन 18 किलो चावल और 12 किलो गेहूं उठाकर ले गए। इधर खगड़िया सदर एसडीओ धनंजय कुमार ने कहा कि, सुशीला देवी (पति रामवृक्ष सदा) को नोटिस किया गया हैं। वे अपात्र श्रेणी में आती हैं। लेकिन उनके नाम से राशन का उठाव हुआ है। उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
बड़ा बेटा रामनंदन सदा बहुत दिनों से मुझसे अलग रहता है। जब मैं विधायक बना तभी विभागीय पदाधिकारी को आवेदन देकर मैं और पत्नी, दोनों का नाम राशन कार्ड से कटवा दिया था। बेटे को आवास योजना मिलने की जानकारी मुझे नहीं है। - रामवृक्ष सदा, पूर्व विधायक
मैं महादलित हूं। शादीशुदा हूं। मुझे घर नहीं था, इसलिए आवास योजना का लाभ दिया गया। मैं पिता से अलग हूं। मेरी मम्मी के नाम से पूर्व में राशन कार्ड बना था। जिसमें पिता समेत आठ सदस्य हैं। जिसमें छह सदस्य के नाम से राशन मिलता है। उसमें भी आज तक डीलर द्वारा सिर्फ चावल ही मिलता रहा है। 30 किलो की जगह कभी 18, तो कभी 20 किलो राशन दिया जाता है। - रामनंदन सदा
हर किसी को नियम-कानून का पालन करना चाहिए। अगर गलत तरीके से आवास और राशन का लाभ लिया गया है, तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह सुशासन की सरकार है। मामले की जांच होगी और कार्रवाई होगी। - राजकुमार फोगला, कार्यकारी जिला अध्यक्ष जदयू खगड़िया |
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