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जागरण संवाददाता, बस्ती। जनपद के साउघाट विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत विल्लौर में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आया है। यहां की महिला ग्राम प्रधान इशरावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) अशोक कुमार निवासी ग्राम खीरीघाट, मड़वानगर थाना कोतवाली ने आपसी मिलीभगत से बिना कोई निर्माण कार्य कराए ही नियम विरुद्ध तरीके से 93916 हजार रुपये का भुगतान करा लिया।
मामले की पुष्टि होने के बाद एडीओ पंचायत साउंघाट सुबाष चन्द्र की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, साउंघाट ब्लाक के बिलौर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट में हेराफेरी की शिकायत उच्चाधिकारियों को मिली थी। जब विभागीय स्तर पर इसकी जांच कराई गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
ऐसे किया खेल
अभिलेखों में जिस निर्माण कार्य को पूरा दिखाकर भुगतान निकाला गया था, धरातल पर वह कार्य अस्तित्व में ही नहीं था। बताया जा रहा है कि महिला ग्राम प्रधान और संबंधित ग्राम विकास अधिकारी ने साठगांठ कर आठ बिंदुओं पर भिन्न-भिन्न ग्राम विकास कार्यों में प्राप्त धनराशि को मनमानी तरीके से हड़प कर सरकारी खजाने से 93913 रुपये की धनराशि आहरित कर ली।
वित्तीय नियमों को ताक पर रखकर किए गए इस भुगतान ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने मुंडेरवा थाना पुलिस को लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपित महिला ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया विल्लौर ग्राम पंचायत में बिना कार्य कराए भुगतान का मामला एडीओ पंचायत साउ़घाट की तहरीर पर दर्ज कर ली गई है। इस अहम प्रकरण की विवेचना एसआइ राकेश कुमार त्रिपाठी को दे दी है। हर एक बिंदु पर जांच-पड़ताल तफ्सील से की जा रही है। |
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