-माघ मेले के दौरान जोशियाड़ा पुल से बड़ी संख्या में मेलार्थी आवागमन करते हैं।
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: मकर संक्रांति से शुरू होने वाले माघ मेले के दौरान जोशियाड़ा झूला पुल पर भीड़ प्रबंधन पुलिस के लिए चुनौती रहेगा। मेले के दौरान जोशियाड़ा झूला पुल से बड़ी संख्या में मेलार्थी आवागमन करते हैं, जिसके चलते हर पल हादसे का खतरा बना रहता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुल की भार वहन क्षमता को लेकर लोनिवि से रिपोर्ट मांगी गई है। पुल के दोनों ओर पुलिस बल व बेरिकेडिंग रहेगी। सीमित संख्या में ही आवागमन कराया जाएगा।
बता दें कि पौराणिक माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) जनपद का प्रमुख मेला है, जिसमें शहर के जोशियाड़ा झूला पुल से बड़ी संख्या में मेलार्थी मेलास्थल रामलीला मैदान तक पहुंचते और मेला देखने के बाद पुल से ही वापस जाते हैं। मेले के दौरान पुल पर आवागमन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है।
पुल भारी भीड़ के चलते बहुत अधिक हिलता डुलता है। इससे जहां हर पल अनहोनी का खतरा रहता है। वहीं, पुलिस के लिए भी भीड़ प्रबंधन चुनौती बन जाता है। हालांकि कुछ वर्षों से इसको लेकर पुलिस पहले से तैयारी करती है।
पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार ने बताया कि जोशियाड़ा झूला पुल की भार वहन क्षमता के लिए लोक निर्माण विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
वहीं, यहां मेले के लिए एक कंपनी पीएससी सहित आसपास के जनपदों से भी पुलिस बल मांगा गया है। बताया कि झूला पुल के दोनों ओर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। बेरिकेडिंग कर एक बार में सीमित संख्या में ही लोगों की आवाजाही करवाई जाएगी।
यह भी पढ़ें- उत्तरकाशी में भीषण अग्निकांड में तीन घर जले, 14 मवेशियों की जिंदा जलने से मौत
यह भी पढ़ें- उत्तरकाशी को नए साल में मिल सकती है चिड़ियाघर की सौगात, जिला प्रशासन और वन प्रभाग ने शुरू की कार्रवाई |
|