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पंजाब में राज्य ट्रेडर्स कमीशन की पहली बैठक आयोजित, सीएम मान और अरविंद केजरीवाल ने बताया व्यापारियों के लिए सुधारों का नया युग

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पंजाब ट्रेडर्स कमीशन की पहली बैठक



डिजिटल डेस्क, मोहाली। एस.ए.एस. नगर में आयोजित पंजाब राज्य ट्रेडर्स कमीशन की पहली बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस कमीशन को वर्षों से व्यापारियों के प्रति चली आ रही उपेक्षा और नौकरशाही द्वारा की जाने वाली परेशानियों को समाप्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि अब दुकानदारों को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर भटककर परेशान नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि ‘आप’ सरकार ने प्रशासन को सीधे बाजारों तक पहुँचाने का फैसला किया है।

इस पहल को पंजाब में व्यापारिक सुधारों के एक नए युग की शुरुआत बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह कमीशन टैक्स प्रणाली को आसान बनाएगा, टैक्स आतंकवाद को खत्म करेगा और अनावश्यक प्रक्रियागत अड़चनों को दूर करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बात को दोहराते हुए जोर दिया कि दुकानदार सच्चे देशभक्त हैं, जो अर्थव्यवस्था को गति देते हैं, और विश्वास जताया कि यह कमीशन पूरे प्रदेश के व्यापारियों की भलाई और सम्मान की निर्णायक रूप से रक्षा करेगा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और बाजारों के लिए एक नई शुरुआत हो रही है, जिन पर अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिन लोगों को विभिन्न स्तरों पर इन कमीशनों का सदस्य बनाया गया है और जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें मैं दिल से बधाई देता हूँ। हमारी सरकार ने चार साल पूरे कर लिए हैं और आज यहाँ एक बहुत सुंदर दृश्य ने मेरा ध्यान अपनी और आकर्षित किया है। इस हॉल में बैठे आप सभी हमारी पार्टी के कार्यकर्ता नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यक्ति हैं। आप में से कुछ मार्केट एसोसिएशनों के प्रधान हैं, कुछ टेक्सटाइल और टाइल जैसे सेक्टर-वार व्यापारिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं और आप सभी अलग-अलग पृष्ठभूमियों से संबंधित और स्वतंत्र व्यक्ति हो।

चार साल के शासन के बाद जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने कहा, “अक्सर कहा जाता है कि चार साल बाद सत्ता विरोधी लहर तेज हो जाती है और लोग किसी न किसी कारण से नाराज हो जाते हैं। हमसे पहले कांग्रेस की सरकार थी और उससे पहले शिरोमणि अकाली दल की सरकार। चार साल बाद उन्हें इतनी बदसलूकी का सामना करना पड़ता था कि शायद ही कांग्रेस सरकार ने कभी किसी सार्वजनिक सभा में लोगों के सामने माइक रखने की हिम्मत की हो और कहा हो कि लो जो मर्जी बोलो। अगर कांग्रेस सरकार ने ऐसा किया जाता तो गालियों की बौछार हो जाती। यदि अकाली दल की सरकार के दौरान ऐता होता तो माइक वापस ही नहीं आता। भाव बहुत बहुत दुर्व्यवाहर होता। आज मैंने बहुत ध्यान से सुना और लोगों को यह कहते सुना कि चार सालों में अच्छा काम हुआ है।”

व्यापारियों के प्रति धारणा पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “अब तक हमारे देश में व्यापारियों और कारोबारियों को बहुत नकारात्मक नजरिए से देखा गया। कोई भी सरकार या पार्टी सत्ता में रही हो, सभी ने व्यापारियों को चोर समझा। हर सरकार सोचती है कि वे चोर है और उन्हें लूटा जाना चाहिए। सरकारें टैक्स के जरिए पैसा वसूलती रहीं। मौजूदा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था को हम एक झटके में नहीं बदल सकते, लेकिन मैं प्रार्थना करता हूँ कि एक दिन केंद्र में हमारी सरकार बने और हम आपको जीएसटी से मुक्ति दिलाएँ। देश में एक तरह का टैक्स आतंकवाद चल रहा है। एक तरफ सरकार टैक्स के जरिए आपको निचोड़ती है और दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियाँ चुनावों के दौरान दान के नाम पर आपसे पैसा मांगती हैं और पांच सालों के लिये रिश्वत लेने के लिये याद करती हैं। सभी सरकारों ने व्यापारियों को चोर मानती रही हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं सोचते।”

अपने निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “मैं खुद एक व्यापारी परिवार से हूँ और मैं एक व्यापारी के दर्द को समझता हूँ। आपको याद होगा के कैसे बचपन में गर्मियों की छुट्टियों में हम गाँव जाते थे, वहां मेरे चाचा की बस स्टैंड पर किराने की दुकान थी। कई बार मैं दिनों तक अकेले पूरी दुकान संभालता था। दुकानदार दिन-रात मेहनत करता है, बड़े जोखिम उठाता है, कम कमाता है, अपनी आय में से सरकार को टैक्स देता है, लोगों को रोजगार देता है, अपने परिवार का पालन-पोषण करता है और गांव या शहर की सभी सामाजिक-चौरिटेबल गतिविधियों में भी योगदान देता है। इसके बावजूद सरकारें उसे परेशान करती हैं। मैं आपका दर्द समझता हूँ।”

व्यापारी कल्याण को राष्ट्रीय प्रगति से जोड़ते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा, “कोई भी देश तब तक तरक्की नहीं कर सकता, जब तक वह अपने सबसे छोटे दुकानदार की रक्षा नहीं करता और उसे सुविधाएँ नहीं देता। सरकारें बड़े निवेश की बात करती हैं, तीन हजार, चार हजार या दस हजार करोड़ के उद्योगों की। यह जरूरी है, होना भी चाहिए लेकिन किराने, कपड़े, ब्रेड, टाइल्स की दुकानों और छोटे बाजारों के दुकानदारों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पहली बार ऐसी सरकार आई है जहाँ छोटे दुकानदार को यह सोचने की जरूरत नहीं कि सिफारिश या रिश्वत से काम कराना पड़े। यह व्यवस्था अब बंद होनी चाहिए।”

नए कमीशन ढांचे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “हम ऐसा सिस्टम बना रहे हैं जिसमें आप सरकार का हिस्सा बनेंगे। राज्य स्तर, जिला स्तर और सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र (हलका) स्तर पर कमीशन होंगे। हलका स्तर के कमीशन में स्थानीय पुलिस, प्रशासन और व्यापारी शामिल होंगे। वे बाजारों में जाकर हर दुकानदार से मिलेंगे और समस्याओं पर चर्चा करेंगे। ये समस्याएँ व्यक्तिगत भी हो सकती हैं और बाजार स्तर की भी, जैसे टूटी सड़कें, शौचालयों की कमी, पेयजल, व्यापारियों व ग्राहकों की सुविधाएँ और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे। इनमें से 90 प्रतिशत समस्याएँ उसी स्तर पर हल हो जाएँगी।”

नीति स्तर के मुद्दों पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कुछ समस्याएँ नीति स्तर की होंगी, जिन पर ये कमेटियाँ राज्य सरकार को सिफारिशें देंगी और फिर उनका समाधान किया जाएगा, जिसमें नए नीति सुझाव भी शामिल होंगे। उदाहरण के तौर पर, ओटीएस नीति पिछली सरकारों ने बनाई थी, लेकिन उसे लागू करने का उनका इरादा नहीं था। यदि हम लोगों से बातचीत कर नीतियाँ बनाएँगे, तो वे नीतियाँ लागू भी होंगी और इन कमीशनों के जरिए आप तक भी पहुंचेगी।

अपने भाषण की समाप्ति करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि ये सारे कमीशन ‘आप’ सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले तीन महीनों के अंदर पंजाब के सारे छोटे और बड़े बाजारों में मीटिंगों का एक दौर पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान जिन समस्याओं को मौके पर ही हल किया जा सकता है, उन्हें वहीं हल किया जाएगा और जिन मुद्दों के राज्य स्तर पर हल की जरूरत होगी, उन्हें उसी स्तर पर हल किया जाएगा और तीन महीनों बाद मीटिंगों का अगला दौर किया जाएगा।

इकट्ठ को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब में हो रहा एक अनोखा कार्यक्रम है, जो पिछली सरकारों के शासनकाल के दौरान कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी समर्था अनुसार तरक्की और खुशहाली का हकदार है, जिसकी कोई सीमा नहीं और यह अहम पहलकदमी खास तौर पर छोटे दुकानदारों की भलाई के लिए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ पार्टी का गठन अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में शामिल होने के लिए नहीं, बल्कि राजनीति की परिभाषा बदलने और देश को लोक कल्याण पर केंद्रित राजनीति का अर्थ सिखाने के लिए किया था।

अपनी सरकार की जन हितैषी पहुंच को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के पीछे उनका एकमात्र उद्देश्य लोगों की सेवा करना था और उनकी यह प्रतिबद्धता जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से झलकती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के 61,000 से अधिक युवाओं को पूरी योग्यता के आधार पर नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि हमने 17 से अधिक टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे आम लोगों के रोजाना लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को और सुविधा देने के लिए इन टोल प्लाजों पर खाली पड़े दफ्तरों को अब आम आदमी क्लीनिकों में बदल दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के उलट जब पारंपरिक पार्टियों के राजनेताओं ने अपने लिए तो बेशुमार दौलत इकट्ठी की, लेकिन व्यापारियों और दुकानदारों को मामूली कमाई से गुजारा करना पड़ा, मैं दुकानदारों से अपील करता हूं कि वे राज्य के विकास और अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करें। उन्होंने कहा कि सरकार का राजस्व पहले ही कई गुणा बढ़ चुका है, जिसका एक-एक पैसा पंजाब के विकास और यहां के लोगों की खुशहाली के लिए पूरी समझदारी से खर्च किया जाएगा।

पंजाब की सामाजिक मूल्यों-कीमतों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती हमेशा मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के लिए सबसे आगे रही है और पंजाबी कभी भी जरूरतमंदों की सेवा से पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धार्मिक उद्देश्यों के लिए आया पैसा या परमात्मा के सामने सम्मान के रूप में भेंट किया जाने वाला पैसा हड़प लिया है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे पापियों के खिलाफ मिसाली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए निरंतर और कड़े प्रयास कर रही है।

दुकानदारों को देश के सच्चे देशभक्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी अर्थव्यवस्था के पहिए को चलाकर असल अर्थों में देश की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग देश को बेचने पर तुले हैं और अपने देश के लोगों को बेसहारा छोड़कर विदेशों में अनसुनी जगहों पर जाकर छुट्टियां मनाते रहते हैं, ऐसे लोगों ने खुद तो कुछ करना नहीं, बल्कि आम आदमी की भलाई के लिए ईमानदारी से काम करने वाले अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं को सलाखों के पीछे डालने से भी परहेज नहीं करते। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार अपने उद्योगपति दोस्तों की भलाई के लिए तो दिन-रात काम कर रही है, जबकि मनरेगा जैसी योजनाओं को बंद करके गरीबों को रोजी-रोटी से वंचित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार गरीब मजदूरों और कामगारों को उनकी मजदूरी देने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए केंद्र सरकार भी अपना फर्ज समझते हुए बकाया फंडों का जायज हिस्सा जारी करने में देरी न करे तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि मैंने वादा किया था कि सरकार को सिर्फ दफ्तरों तक सीमित न रखकर गांवों और कस्बों से चलाया जाएगा और हमने वह वादा पूरा किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सारे कमीशन सदस्यों को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि वे पंजाब के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

इकट्ठ को संबोधित करते हुए वरिष्ठ आप नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों की खुशहाली सीधे तौर पर सरकार की नीयत पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि व्यापारी पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं और इसके बावजूद भी उन्हें पिछली सरकारों के शासन-काल दौरान अपना काम करवाने के लिए हमेशा परेशानी का ही सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसी के हल के लिए राज्य सरकार ने इस कमीशन का गठन किया है और देश में पहली बार व्यापारियों को सही अर्थों में सशक्त बनाया जा रहा है।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को अब सिस्टम को ठीक करने में सहयोग और समर्थन का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि समान पृष्ठभूमि से होने के कारण इस कमीशन के सदस्य व्यापारियों की समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहलकदमी पंजाब के हर कोने में व्यापार और वाणिज्य को बड़ा बल देगी और अब व्यापारियों के मसले उनके दर पर ही हल होंगे। उन्होंने कहा कि यह मॉडल देश भर में व्यापारी-समर्थक नीतियों को लागू करने का रास्ता प्रशस्त करेगा।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब राज्य व्यापारी कमीशन का गठन किया गया है और यह कमीशन सीधे तौर पर व्यापारियों और दुकानदारों के हितों के लिए काम करेगा। यह बाजारों की स्थिति में सुधार करेगा और यह स्थानीय बाजारों के छोटे, रोजाना के मुद्दों के हल को भी सुनिश्चित बनाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजारों से संबंधित बहुत सारे रूटीन कामों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, जिनके उपेक्षा के कारण दुकानदारों को अक्सर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे कि पिछली सरकारों के समयों में हुआ। उन्होंने कहा कि अब ऐसे व्यापारियों और दुकानदारों को कहीं भी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सरकार खुद उनके पास पहुंचेगी, जिससे स्थानीय बाजारों की स्थिति में सुधार होगा, जो समग्र माहौल को बदलने में अहम रहेगा।
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