सोमनाथ मंदिर में चार दिवसीय \“स्वाभिमान पर्व\“ का शुभारंभ
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। सोमनाथ मंदिर पर हुए बर्बर हमले के एक हजार वर्ष पूर्ण होने पर सोमनाथ मंदिर में चार दिवसीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गुरुवार को प्रारंभ हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसमें शामिल होंगे। हर वर्ष लगभग एक करोड़ श्रद्धालु सोमनाथ ज्योर्तिलिंग के दर्शन करने आते हैं।
12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ भारतीय इतिहास एवं संस्कृति की पहचान है। पीएम मोदी के श्री सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के बाद इसका तेजी से विकास हुआ।
आक्रांता महमूद गजनवी ने 1026 में सोमनाथ पर आक्रमण किया था। इस हमले के एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं। 2026 में ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के भी 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
सोमनाथ मंदिर में चार दिवसीय \“स्वाभिमान पर्व\“ का शुभारंभ
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमनाथ में बैठक के बाद कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी 10-11 जनवरी को शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार हमलों के बावजूद सोमनाथ अखंड, अविनाशी एवं सनातन की शक्ति के रूप में खड़ा है।
गुरुवार को इस पर्व की शुरुआत हुई। सोमनाथ मंदिर अटूट श्रद्धा और कलात्मकता का प्रतीक बना हुआ है। 2020 के बाद हर वर्ष करीब एक करोड़ श्रद्धालु यहां दर्शन करने आ आते हैं।
2018 में ‘स्वच्छ आइकोनिक प्लेस’ के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका सोमनाथ आज सतत विकास और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।
वेस्ट सेग्रिगेशन केंद्रों में अब मंदिर में चढ़ाए गए फूलों को वर्मी कम्पोस्ट में बदलकर 1,700 बेल वृक्षों के संरक्षण में उपयोग किया जाता है।
सबसे अधिक सर्च किए गए शीर्ष 10 स्थलों में सोमनाथ का नाम शामिल
भारतीयों द्वारा सबसे अधिक सर्च किए गए शीर्ष 10 स्थलों में सोमनाथ का नाम शामिल है। इसके अलावा 2025 में सोमनाथ के इंटरनेट मीडिया इम्प्रेशन 1.37 अरब के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जो विश्वभर के श्रद्धालुओं में सोमनाथ के प्रति आस्था और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है।
कई हमले हमारी सनातन आस्था को नहीं हिला पाए: मोदी
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व समारोह में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मंदिर की अपनी पिछली यात्राओं की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि मंदिर पर बार-बार हुए हमलों के बावजूद इसने देश में सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत किया।
एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का गुरुवार से शुभारंभ हो गया है। एक हजार वर्ष पहले जनवरी, 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास में पहला हमला झेला था। 1026 का हमला और उसके बाद हुए कई हमले हमारी सनातन आस्था को नहीं हिला पाए।
मैं सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं। यदि आप भी सोमनाथ गए हैं तो कृपया अपनी तस्वीरें #सोमनाथस्वाभिमानपर्व के साथ साझा करें। |
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