जीभ व प्रोस्टेट कैंसर में पांच वर्ष तक जीवित रहने की दर कम। ( फोटो AI)
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में तंबाकू सेवन कैंसर का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र की ओर से शोध में यह जानकारी सामने आई है।
पापुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) के वर्ष 2018 से 2021 के आंकड़ों के अनुसार पुरुषों में तंबाकू से जुड़े कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं। पुरुष के कुल कैंसर के मामलों में 34.4 प्रतिशत मामले तंबाकू सेवन से संबंधित हैं।
यानी हर तीन में से एक पुरुष कैंसर मरीज तंबाकू से प्रभावित है। महिलाओं में यह अनुपात अपेक्षाकृत कम है। यहां लगभग हर आठ में से एक मामला तंबाकू सेवन से जुड़ा पाया गया।
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के शोध आंकड़ों के अनुसार पुरुषों में कैंसर के प्रमुख स्थल मुंह (5.7 प्रतिशत), जीभ (2.8 प्रतिशत), प्रोस्टेट (1.8 प्रतिशत), गाल ब्लैडर (1.8 प्रतिशत) और लीवर (1.6 प्रतिशत) प्रति एक लाख जनसंख्या पर दर्ज किए गए।
वहीं महिलाओं में स्तन कैंसर (10.5 प्रतिशत) सबसे अधिक पाया गया। इसके बाद गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स (5.8 प्रतिशत), गालब्लैडर (5.2 प्रतिशत), फेफड़ा (2.1 प्रतिशत) और अंडाशय (1.6 प्रतिशत) प्रमुख कैंसर स्थल रहे।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 से 2021 के बीच कैंसर से कुल 1,641 मौतें दर्ज की गईं। इनमें 50.5 प्रतिशत पुरुष और 49.5 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं। मृत्यु दर के आधार पर हर 29 में से एक पुरुष और हर 26 में से एक महिला की मौत कैंसर के कारण हो रही है। कुल कैंसर मामलों में 60 मामले (2.8 प्रतिशत) 0 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के भी पाए गए हैं।
मुंह, जीभ और प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में खतरा ज्यादा
पांच वर्ष तक जीवित रहने की दर भी चिंताजनक स्थिति दर्शाती है। मुंह, जीभ और प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में पांच वर्ष तक जीवित रहने वाले मरीजों की संख्या मात्र 25 से 32 प्रतिशत के बीच रही।
वहीं महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों में भी जीवित रहने की दर सीमित पाई गई। होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डा. रविकांत सिंह ने कहा कि समय पर कैंसर की पहचान हो जाए तो उसका नियंत्रण संभव है।
यहां पर मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,माडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल, एसकेएमसीएच में मुफ्त स्क्रीनिंग सुविधा मिल रही हैं। |
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