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जिसे बनाया वाहन मुक्त, उसी में वाहनों की करा दी एंट्री; GDA की अदूरदर्शिता से 5 करोड़ का हार्ट ऑफ सिटी हुआ चौपट

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व्हीकल फ्री जोन में शुक्रवार को मौजूद प्रभारी मंत्री असीम अरुण और महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल। जागरण



शहनवाज अली, गाजियाबाद। राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) में जीडीए ने अपने पायलट प्रोजेक्ट व्हीकल फ्री जोन में वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए अपने लगाए पिलर को ध्वस्त कर दिया। आरडीसी की सुंदरता बढ़ाने के लिए जीडीए ने इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे व्हीकल फ्री जोन का अस्तित्व ही खतरे में आ गया है। मगर जिम्मेदार ही इसके दुश्मन बन गए। भाजपा नेताओं ने ही इसके पिलर तुड़वाकर यहां पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी। देखते ही देखते पांच करोड़ का यह प्रोजेक्ट तबाह हो गया।  
लापरवाही ने बना अराजकता का अड्डा

हार्ट ऑफ सिटी कहलाने वाले आरडीसी में प्राधिकरण ने यहां आने वाले परिवारों के लिए घूमने-फिरने के लिए व्हीकल फ्री जोन की रूपरेखा तैयार की थी। निर्माण के बाद से यह बदहाल है और इसे बेहतर बनाने के बजाय प्राधिकरण ने इसे रामभरोसे छोड़ दिया है। अब यह अराजकता का अड्डा बन गया है। दैनिक जागरण ने हाल में ही इसकी पड़ताल करते हुए जीडीए का ध्यान इस ओर दिलाने का प्रयास किया था।
दोनों ओर के पिलर तोड़ दिये

जीडीए के अधिकारियों ने इसको बेहतर बनाने और रिक्त क्योस्क को नीलामी में उठाने के लिए समिति गठित करने की बात की थी। जोन को बेहतर बनाने के बजाय शुक्रवार को अचानक प्राधिकरण की टीम ने व्हीकल रोकने को लगाए गए दोनों ओर के पिलर तोड़ दिए। यहां एक बोर्ड लगाया गया कि अनुरक्षण कार्य प्रगति पर है, लेकिन क्या कार्य होना है, इस बारे में जीडीए अधिकारियों को ही नहीं पता है। व्हीकल फ्री जोन में वाहनों की रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
अक्टूबर 2022 में केंद्रीय राज्यमंत्री ने किया लोकार्पण

जीडीए ने आरडीसी के मुख्य मार्ग से दुबई माल तक 400 मीटर हिस्से को व्हीकल फ्री जोन के लिए 2018-22 तक इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए, जिसका लोकार्पण अक्टूबर 2022 में तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री डाॅ. वीके सिंह ने किया। इससे प्राधिकरण को यहां बने क्योस्क से प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की आय होने का अनुमान था, लेकिन यह बर्बादी की कगार पर है।
प्रभारी मंत्री और महानगर अध्यक्ष की मौजूदगी में तोड़े पिलर

आरडीसी में व्हीकल फ्री जोन के दोनों तरफ वाहनों को आने से रोकने के लिए लगाए गए पिलर को जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण और महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल की उपस्थिति में तोड़ा गया। यह जानकारी भाजपा के मीडिया प्रभारी की ओर से शुक्रवार रात मीडिया से साझा की गई। उन्होंने कुछ फोटो भी शेयर किए, जिसमें असीम अरुण और मयंक गोयल व्हीकल फ्री जोन में मौजूद दिख रहे हैं। इस दौरान न तो स्थानीय विधायक अजीतपाल त्यागी और न ही सांसद अतुल गर्ग और न ही महापौर सुनीता दयाल मौजूद थीं। सूत्रों का दावा है कि मयंक गोयल ही रास्ता खुलवाने के लिए लगातार मांग कर रहे थे।


“आग लगने की घटना के दौरान अग्निशमन गाड़ी के संबंधित स्थान पर पहुंचने में परेशानी हुई थी। इस मामले में आइजीआरएस और तमाम शिकायतों को देखते हुए पिलर को हटवाया गया है। इसमें आम वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए दोनों साइड में पिलर लगाकर लोहे की चेन लगवाई जाएगी।“

- आलोक रंजन, मुख्य अभियंता जीडीए


यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में GDA का बड़ा एक्शन: अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, 20 बीघा जमीन कब्जा मुक्त


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