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वेनेजुएला पर कब्जा, ईरान में विरोध प्रदर्शन और... क्या बाबा वेंगा की 2026 में तीसरे विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी सच साबित होगी?

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क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी सच साबित होगी?



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 9/11 और COVID-19 महामारी जैसी घटनाओं की भविष्यवाणी करने वाली बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने 2026 में तीसरे विश्व युद्ध के शुरू होने की भविष्यवाणी की थी। उनकी भविष्यवाणी 2026 को युद्ध और तबाही का साल बताती है।

ताइवान पर चीन के कब्जे को लेकर बढ़ता दबाव, ईरान में विरोध प्रदर्शन और हाल ही में वेनेजुएला में हुआ अमेरकी एक्शन ने जिओ-पॉलिटिक्स टेंशन पैदा कर दी है और ऐसे में इस भविष्यवाणी को नजरंदाज भी नहीं किया जा सकता क्योंकि लैटिन अमेरिका, ईरान और यूरोप में हाल के घटनाक्रमों ने तीसरे विश्व युद्ध के शुरू होने की आशंकाओं को जन्म दिया है।
क्यों लगाई जा रही ऐसी आशंकाएं?

सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में अब यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि क्या ये घटनाएं संभावित तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत का संकेत दे रही हैं। एक यूजर ने लिखा है, “अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने उत्तरी अटलांटिक में रूसी झंडे वाले जहाज मरीनरा (बेला 1) पर कब्जा कर लिया है। यह तीसरा विश्व युद्ध है और कई सालों से ऐसा ही है।“

इसके अलावा दूसरे यूजर ने लिखा, “यह अमेरिकी सेना द्वारा अटलांटिक में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को जब्त करने का फुटेज है। यह कंट्रोल से बाहर हो रहा है। ट्रंप और अमेरिका तीसरा वर्ल्ड वॉर शुरू करने जा रहे हैं।“
वेनेजुएला पर अमेरिकी अटैक

3 जनवरी, 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में हमले किए, जिसके बाद एक ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।

ट्रंप ने कहा कि जब तक सत्ता का सही हाथों में नहीं चली जाती, तब तक वह देश चलाएंगे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी तेल कंपनियां देश में आएंगी और चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका दूसरा हमला करेगा।

हालांकि, उन्होंने दूसरे हमले को लेकर बात का नकार दिया है। ट्रंप ने बताया कि सहयोग के लिए तैयार होने पर उन्होंने इस दक्षिण अमेरिकी देश पर दूसरे दौर के हमले का रद कर दिया। फिर भी अपनी ही बात से ट्रंप कब पलट जाएं इसका अंदाजा भी लगाया जा सकता है।

वहीं, मदुरो को सत्ता से हटाने की असली वजह तेल और पेट्रो-डॉलर हैं। वेनेजुएला के पास 303 बिलियन बैरल के साथ दुनिया का सबसे बड़ा साबित तेल भंडार है।
कोलंबिया और ग्रीनलैंड को ट्रंप की धमकी

डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिका दूसरे देशों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कोलंबिया और उसके राष्ट्रपति को धमकी दी तो क्यूबा को गिराने के लिए भी तैयार बैठे हैं। साथ ही ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने की अपनी इच्छा को फिर से दोहराया। ट्रंप ने कहा कि कोलंबिया को एक बीमार आदमी चला रहा है जिसे कोकीन बनाना और उसे यूनाइटेड स्टेट्स को बेचना पसंद है।

उन्होंने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के बारे में कहा, “वह इसे ज्यादा समय तक नहीं करने वाले हैं। उनके पास कोकीन की मिलें और कोकीन की फैक्ट्रियां हैं।“ जब पूछा गया कि क्या उनका प्रशासन कोलंबिया को निशाना बनाकर कोई ऑपरेशन करेगा तो ट्रंप ने जवाब दिया, “यह मुझे अच्छा लग रहा है।“

उन्होंने कहा, “हमें नेशनल सिक्योरिटी के नजरिए से ग्रीनलैंड की जरूरत है। यह बहुत रणनीतिक है। अभी, ग्रीनलैंड के चारों ओर रूसी और चीनी जहाज भरे हुए हैं।“ उन्होंने आगे कहा, “हमें नेशनल सिक्योरिटी के नजरिए से ग्रीनलैंड की जरूरत है। मैं आपको बता सकता हूं कि डेनमार्क यह नहीं कर पाएगा।“

इसके अलावा ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका कई मुद्दों पर मेक्सिको और ईरान सहित कई दूसरे देशों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
ट्रंप के बयान पर डेनमार्क की प्रतिक्रिया

ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर हमला करता है तो सैनिक पहले गोली चलाएंगे बाद में सवाल पूछेंगे। बता दें कि 1952 के सेना के रूल ऑफ एंगेजमेंट के तहत सैनिकों को बड़े अधिकारियों के आदेश का इंतजार किए बिना हमलावरों पर हमला करना होता है।
अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकर किए जब्त

मदुरो को हटाए जाने के कुछ दिनों बाद अमेरिका ने अटलांटिक और कैरिबियन में वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया, जिसमें एक ऐसा जहाज भी शामिल था जो रूसी झंडे के नीचे चल रहा था।

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला का कच्चा तेल ले जाने वाले या ले जाने की कोशिश करने वाले प्रतिबंधित जहाजों को रोकने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी तेज कर दी है। यह कदम कराकस में एक बड़े ऑपरेशन के तुरंत बाद उठाया गया है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन

ईरान की करेंसी गिरने से हुई निराशा के कारण देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में प्रदर्शन हुए हैं। गुरुवार को ईरान में इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। इससे पहले सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में ईरानी लोग सत्ताधारी धार्मिक सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिख रहे हैं। आर्थिक उथल-पुथल और सुरक्षा कार्रवाई को लेकर गुस्सा बढ़ गया है।

नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स NGO (IHRNGO) ने गुरुवार को बताया कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद से आठ बच्चों सहित कई लोग मारे गए हैं। उसने कहा कि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सऊदी अरब-यूएई संघर्ष

यमन में सहयोगी रहे सऊदी अरब और यूएई अब इलाके पर कंट्रोल को लेकर बंट गए हैं। इसमें यूएई अलगाववादी सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) का साथ दे रहा है। एसटीसी दक्षिणी आजादी चाहता है, लेकिन सऊदी अरब एक एकीकृत यमन चाहता है और एसटीसी के कामों को यूएई का दखल मानता है। उसने ज्यादातर कब्जे वाले इलाके को वापस ले लिया है।

दुनिया भर में इन घटनाओं ने इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। खासकर लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे संघर्ष को देखते हुए।

यह भी पढ़ें: Baba Vanga Prediction: तीसरे विश्व युद्ध से एलियंस तक... 2026 में क्या-क्या होगा?
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