मामले का खुलासा करते पुलिस अधिकारी। जागरण
संवाद सूत्र, जागरण, सीतापुर। फर्जी फर्म बनाकर राज्य वस्तु एवं सेवा कर की चोरी करने वाले सात आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से एक कानपुर जनपद का निवासी है। ग्रामीणों से लालच देकर आरोपित उनके कागज मांग लेते थे और इसके बाद पैन कार्ड जारी कराकर फर्जी फर्म बनाते थे।
आरोपितों से आठ लाख की नकदी, पांच लौपटाप, 39 स्टैंप, 10-19 पैन कार्ड व पासबुक, 57 चेकबुक, 135 चेक, नौ डिजिटल सिग्नेचर करने वाली मशीन, दो हार्ड डिस्क, 651 बिल और दो चार पहिया वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि आरोपित लकड़ी व्यापार के माफिया भी हैं। वह, भोलेभाले लोगों को सरकारी योजनाओं से मुनाफे का लालच देकर उनके कागज और नकदी लेते थे। इसके बाद उन्हीं के नाम की फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करते थे। पूछताछ में लगभग 60-70 फर्जी फर्म की जानकारी हुई है।
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ग्रामीणों के नाम पर बैंक में खाता खोलवाते थे और कूट रचित अभिलेख लगाकर फर्जी लकड़ी के व्यापार को दिखाकर फर्मो के नाम से फर्जी बिल काटते थे। इसके आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। इसकी शिकायतों की जांच एसओजी प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह और थानाध्यक्ष खैराबाद अनिल सिंह को दी गई।
दोनों निरीक्षकों ने जांच शुरू की तो कई अहम सुराग मिले। साक्ष्यों के आधार पर सदर के जहांगीराबाद के आशिफ व अम्मार, लहरपुर के शाहकुलीपुर के अनवारुल व महाशाह के जीशान, कानपुर के बाबूपुरवा उजैर और बिसवां के थवईटोला के आरिफ व महराजगंज के नासिर को गिरफ्तार किया गया। |