आधार पीठ को बनाने में लगे दो साल। फोटो जागरण
संवाद सहयोगी, कल्याणपुर। चकिया-केसरिया पथ पर कैथवलिया में बन रहे विश्व का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर कई दिनों से शिवमय हो गया है। सुबह से शाम तक यहां श्रद्धालुओं की भीड़ शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारों से क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है।
स्थापित करने को लेकर 210 टन वजन के 33 फीट उंचा सहस्त्रशिवलिंगम को देखने व पूजा करने को लेकर श्रद्धालुओं भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। बता दें कि 17 जनवरी को विराट शिवलिंग को आधार पीठ पर स्थापित किया जाना है।
बताया गया कि आधार पीठ बनकर तैयार हो गया है। इसकी लंबाई 36 फीट है। वहीं अधारपीठ पर 15 फीट का अर्धा बना है। शिंवलिंग लगने के बाद यह 56 फीट हो जाएगा। इसके निर्माण में दो साल का वक्त लगा है।
बताया गया कि इसके निर्माण में खास सावधानी बरती गई है। कंक्रीट छड़ व बालू से गोलाकार बना हुआ आधारपीठ को भूकंपरोधी बनाया गया है। इसका निर्माण सौ फीट नीचे से किया गया है। इसकी परिधि 24.46 फीट है।
इसको बनाने में लगभग दस लाख रुपये की लागत आई है। इस आधार पीठ को बनाने में लगभग दो साल का वक्त लगा है। बताया गया कि सबसे पहले उक्त स्थल पर पाईलिंग का काम किया गया। इसके बाद आधार पीठ का निर्माण कंक्रीट छड एवं सिमेंट से किया गया।
महादेव के दर्शन पूजन को दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
निर्माणाधीन मंदिर परिसर में मेला जैसा दृश्य है। 47 दिनों की यात्रा के बाद तमिलनाड़ू के महाबलीपूरम से चलकर कैथवलिया पहुंचे महादेव को 17 जनवरी को दिव्य व भव्य पूजन के बाद आधार पीठ पर स्थापित किया जाना है।
इसको लेकर प्रबंधन की तैयारी चल रही है। इस क्रम में शुक्रवार को पांवें दिन दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंच दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग का दर्शन व पूजन कर रहे हैं। |
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