नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग तेज। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करने वाले केसी त्यागी पहले ओर अंतिम राजनेता नहीं है। बीते दो वर्षों में कई राजनेताओं ने यह मांग की। कल त्यागी ने मांग की। आज केंद्रीय मंत्री एवं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के संस्थापक जीतनराम मांझी ने यही मांग दुहरा दी।
मांझी ने शनिवार को नीतीश कुमार के सुशासन, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण सहित अन्य महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने लिखा, “भारत रत्न नीतीश कुमार जी…ये शब्द सुनने में कितना अच्छा लगेगा ना।“ मांझी ने पहले भी यह मांग की थी।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी कई अवसरों पर यह मांग की। उनका कहना है कि बिहार को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने का नीतीश कुमार का प्रयास अतुलनीय है। इसके लिए उन्हें भारत रत्न क्या, उससे भी बड़ा सम्मान मिलना चाहिए।
लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अक्टूबर 2024 में ही यह मांग कर दी थी। उस समय वे मंत्री नहीं थे। नीतीश कुमार से उनका संबंध भी अच्छा नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने नीतीश के लिए भारत रत्न की मांग की थी।
चिराग अपने दिवंगत पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग करते रहे हैं। अक्टूबर 2024 में जदयू के प्रदेश कार्यालय के आसपास कई पोस्टर लगाए गए थे। इसके माध्यम से नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की गई थी। इन पोस्टरों को जदयू के नेता अरविंद कुमार ऊर्फ छोटू सिंह ने लगाया था।
जदयू ने बयानों से किया किनारा
हालांकि उस समय भी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा ने कहा था कि यह जदयू की आधिकारिक मांग नहीं है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह भी नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी।
इन कड़ियों को जोड़ेे तो साफ होगा कि बिहार एनडीए के सभी घटक दल बारी-बारी से इस मांग का समर्थन करते रहे हैं। दिसंबर 2024 में जब यह मांग जोर पकड़ रही थी, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी कहा था कि नीतीश कुमार को भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
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