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14 अक्टूबर 2025 को बदमाश डायना के घर कुर्की करने पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम - जागरण आर्काइव
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जमानत पर छूटने के बाद शहर में डकैती करने की पटकथा जेल के भीतर ही लिखी गई थी।इसका सूत्रधार रजही गांव का रहने वाला देवेंद्र निषाद उर्फ दयानंद उर्फ डायना था, जिसने नवंबर में जेल से जमानत पर छूटने के बाद वारदात को अंजाम देने के लिए दो साथियों की जमानत खुद कराई। सीमेंट व्यापारी के घर वारदात करने के लिए साथियों को बुलाया लेकिन गलतफहमी होने पर बगल में स्थित सेवानिवृत्त लेखपाल के घर में घुस गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि डायना 25 नवंबर 2025 को जेल से बाहर आया था। बाहर आते ही उसने पहले से तय योजना के तहत अपने पुराने साथियों को जेल से निकालने की कवायद शुरू कर दी। इसी क्रम में उसने कोतवाली क्षेत्र में 45 लाख की चोरी में जेल गए दो बदमाशों की जमानत कराई।
इनमें मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित हृदयपट्टी गांव का रहने वाला राजकुमार सिंह उर्फ टिंकू शामिल है। इसके अलावा चिलुआताल थाना क्षेत्र के विस्तार नगर का निवासी रामरक्षा उर्फ तेजू यादव भी उन्हीं में से एक था, जिसकी जमानत डायना ने कराई।
सेवानिवृत्त लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर डकैती के बाद पुलिस ने जेल से छूटे बदमाशों का सत्यापन शुरू किया, तब डायना की भूमिका संदिग्ध रूप से सामने आई। जांच में पता चला कि उसी ने दो बदमाशों की जमानत कराई है। इसके बाद पुलिस ने जब उनकी गतिविधियों का पता लगाना शुरू किया तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
पांच जनवरी की शाम से ही इन दोनों बदमाशों के मोबाइल फोन बंद थे।इतना ही नहीं, जिन तीन अन्य संदिग्धों की तलाश पहले से चल रही थी, उनके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन नकहा के पास ट्रेस हुई, जहां से उनके भी फोन बंद हो गए। मोबाइल बंद होना, लोकेशन का एक ही क्षेत्र में मिलना और उसके बाद लूट की वारदात,इन सबने पुलिस के संदेह को और पुख्ता कर दिया।
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इसके बाद पुलिस ने इन सभी की तलाश तेज कर दी।शनिवार को मुठभेड़ में पकड़े गए डायना ने बताया कि उनके निशाने पर सेवानिवृत्त लेखपाल नहीं, बल्कि रजही मौर्या टोला के सीमेंट व्यापारी राजेश सिंह थे।डायना ने पुलिस को बताया कि करीब एक सप्ताह पहले उसने राजेश सिंह को नोटों की गड्डी लेकर जाते देखा था। तभी उसे अंदाजा हो गया था कि सीमेंट व्यापारी के घर में अच्छी-खासी नकदी और कीमती सामान होगा।
इसके बाद दो दिन पहले डायना और उसके साथियों ने इलाके की रेकी की। सभी रास्तों, घरों की बनावट और आने-जाने के विकल्पों को देखा गया। योजना यह थी कि शाम के समय सीमेंट व्यापारी के घर पहुंचकर रुपये के बहाने अंदर घुसा जाएगा और लूट को अंजाम दिया जाएगा।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या जेल के भीतर रहते हुए अन्य किसी तरह की मदद या संपर्क मिला था। अधिकारियों का दावा है कि शेष फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद इस जेल कनेक्शन वाली साजिश की पूरी परतें सामने आएंगी। |
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