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करोड़ों खर्च के बाद भी शोपीस बने रोडवेज बसों के पैनिक बटन, खतरे में 30 हजार महिला यात्रियों की सुरक्षा

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रोड़वेज बस में लगे पैनिक बटन की टूटीवायर। जागरण



राहुल कुमार, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने करीब दो वर्ष पहले करोड़ों का बजट खर्च करके रीजन की करीब 680 बसों में पैनिक बटन लगाए थे।

अभी तक बटन चालू नहीं होने से बसों में रोजाना सफर करने वाली 30 हजार से अधिक महिला यात्रियों की सुरक्षा अधर में लटकी हुई है। बटन केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।
रोजाना एक लाख यात्री करते हैं सफर

गाजियाबाद रीजन में कौशांबी, साहिबाबाद, गाजियाबाद, लोनी, हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा व सिकंदराबाद बस अड्डे हैं। इन डिपो की बसों से रोजाना करीब 90 हजार से एक लाख यात्री सफर करते हैं। इनमें से करीब 30 हजार महिला यात्री होती हैं। गाजियाबाद डिपो की अनुबंधित बसों को छोड़कर बाकी सभी डिपो की बसों में बटन लगाए गए थेे।

इसका उद्देश्य महिलाओं के साथ सफर में होने वाली घटनाओं पर लगाम लगाना था। दरअसल रोडवेज बसों में आए दिन महिलाओं के साथ बसों में असामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ व परिचालकों द्वारा अभद्र व्यवहार के मामले आते रहते हैं। इससे महिलाएं देर रात सफर करने से भी झिझकती हैं।

घटनाओं को रोकने के लिए यूपीएसआरटीसी ने रोडवेज बसों में पैनिक बटन व व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने की योजना बनाई थी। बसों में बटन लगाने का कार्य दिसंबर 2023 में पूरा कर लिया गया है। अभी तक इन बटनों को चालू नहीं किया गया है
बटनों व वीएलटीडी की उखड़ रही वायरिंग

प्रदेश में 5000 बसों में पैनिक बटन व व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाई गई थी। इस पर करीब 78 करोड़ का बजट खर्च किया गया था। कौशांबी डिपो पर प्रदेशभर के डिपो की बसें पहुंचती हैं। यहां पहुंची लखनऊ, साहिबाबाद, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, बरेली, एटा समेत तमाम बसों में पैनिक बटनों की वायरिंग उखड़ी मिली। बटन शुरू होने से पहले ही वायर उखड़ रही है।
ओवर स्पीड चलाने के लगातार आ रहे मामले

क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में बसों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके लिए सिस्टम लगाया गया है। वहीं मुख्यालय से भी निगरानी की जा रही हैै। रोजाना रोडवेज बसों को ओवर स्पीड चलाने के मामले आ रहे हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय से रोजाना संबंधित डिपो को भेजी जा रही है।

दरअसल रोडवेज बसों को 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने की ही अनुमति है। इससे ऊपर चलने पर ओवर स्पीड माना जाता है, लेकिन बसों की स्पीड 100 के पार जा रही है। ओवर स्पीड बस चलाने पर रीजन में प्रत्येक चालक पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।
डिपोवार पैनिक बटन लगी बसें
किसी डिपो की कितनी बसों में लगे पैनिक बटन

  
    डिपो कुल बसें
   
   
   कौशांबी
   152
   
   
   साहिबाबाद
   95
   
   
   लोनी
   61
   
   
   हापुड़
   70
   
   
   बुलंदशहर
   50
   
   
   खुर्जा
   65
   
   
   सिकंदराबाद
   68
   


मुख्यालय स्तर से ही पैनिक बटनों को संबंधित थाना व डायल-112 से जोड़ा जाना है। वहां प्रक्रिया चल रही है। हमारे स्तर से केवल कार्य बटन लगवाने का कार्य पूरा कराया गया था।
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बिजय चौधरी, सेवा प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम।
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