शनिवार को लौना-भेदपुरा के बीच ड्रोन कैमरे में दिखा तेंदुआ। स्रोत वन विभाग
संवाद सहयोगी, कोंच(जालौन)। ग्राम रवा में शुक्रवार को तेंदुआ के देखे जाने के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग खेतों व खुले स्थानों पर काम करने से पहले डर सहमकर सोचने को मजबूर हैं। भेदपुरा में तेंदुआ दिखने की बात सामने आई है। फिलहाल वन विभाग की पांच ड्रोन टीमें 20 से अधिक गांवों में रेस्क्यू कर चुकी हैं लेकिन उन्हें कहीं तेंदुआ नहीं दिखा। फिर भी लोगों को सतर्क रहने के लिए का गया है। कोंच क्षेत्र के साथ अब माधौगढ़ में भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है। डीएफओ प्रदीप कुमार ने कहा कि दोबारा कहीं भी तेंदुआ नहीं दिखा है।
शनिवार को ग्राम लौना व कुंवरपुरा में भी तेंदुआ दिखने के बाद से ग्रामीण डरे सहमे हैं। रवा गांव की जगह दूसरे स्थान पर तेंदुआ देखे जाने के फुटेज से कुछ गांवों के लोगों को राहत मिली है। तेंदुआ ने अभी तक किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं पहुंचाई है। प्रशासन व वन विभाग अपने अपने क्षेत्रों में टीमें लगाकर रेस्क्यू आपरेशन चला रही हैं। ग्रामीण लाठी डंडे से पहरेदारी कर रहे हैं। ग्रामीणों से अकेले खेतों में न जाने व बच्चों को बिना निगरानी बाहर न निकलने देने को कहा गया है।
कुठौंदा गांव के पास सर्च आपरेशन चलाने के लिए पहुंचे वन विभाग व पुलिस अधिकारी। जागरण
डिप्टी वन रेंजर अमित शर्मा ने बताया कि अभियान लगातार टीमें काम कर रही हैं। ग्राम भेदपुरा के आगे ड्रोन कैमरे में तेंदुआ दिखाई दिया था। जिसको लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है। देर रात उन्हें इसकी सूचना मिली थी। फिलहाल तेंदुआ माधौगढ़ तहसील की तरफ जा सकता है इसलिए वहां भी ड्रोन टीमें काम कर रही हैं। तेंदुआ मध्य प्रदेश के भिंड क्षेत्र से आ सकता है।
रवा गांव के ग्रामीण ले रहे राहत की सांस
रविवार को ग्राम रवा के ग्रामीण रामकुमार, मेवालाल, सतेंद्र गुर्जर, सुभाष ने बताया कि तीन दिनों से गांव के अंदर ग्रामीणों ने दिन रात पहरेदारी की है। कहीं भी तेंदुआ नजर नहीं आया न ही खेतों में उसके कहीं पैरों के निशान पाए गए। जिससे लगे कि गांव में अभी भी तेंदुआ है। उन्हें लग रहा है तेंदुआ उनके गांव को छोड़कर चला गया है। वह अब खेतों पर जाने के लिए घर से बाहर आ गए हैं लेकिन वह टोली बनाकर ही खेत पर जाएंगे।
शुक्रवार के बाद दोबारा नहीं दिखा तेंदुआ
ग्राम रवा तहसील कोंच में किसी वन्य जीव की उपस्थिति पर टीम ने जाकर पहचान की गयी। इसके बाद ड्रोन कैमरा से फोटोग्राफी कराई गई। ग्राम रवा में मटर के खेत में एक तेंदुए वन्य जीव दिखाई पड़ा। गांव के आसपास रात में अलाव इत्यादि जलाकर व वन कर्मियों की विशेष तैनाती की गयी। शुक्रवार के बाद से तेंदुआ दिखाई नहीं दिया है। वन विभाग की टीम लगातार सर्च अभियान रवा गांव के चारों तरफ चला रही हैं। झांसी से उच्च अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया है।
माधौगढ़ तहसील क्षेत्र तक चल रहा सर्च आपरेशन
ड्रोन कैमरों के साथ पांच सर्च टीमों का गठन किया गया है। जिसमें एक-एक ड्रोन कैमरा फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी शामिल रहेगी। इसके लिए नोडल अधिकारी उप प्रभागीय वनाधिकारी कोंच को बनाया गया है। कोंच व माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में टीमों ने कांबिंग की और करीब 30 किमी क्षेत्रफल में ड्रोन उड़ाए इसके बाद भी तेंदुए का कहीं पता नहीं चल सका है। शुक्रवार के बाद से तेंदुआ जिले में कहीं भी दिखाई नहीं दिया है। इससे स्पष्ट है कि तेंदुआ जिले की सीमा से बाहर जा चुका है।
सतर्कता बरतने की अपील
वन विभाग की टीम अभी भी जन जागरूकता का अभियान चला रही है। जहां कहीं भी लोगों द्वारा तेंदुए की उपस्थिति बतायी जा रही है तुरंत सर्च व निगरानी टीम पहुंचकर जांच कर रही है। टीम को अभी तक कहीं भी तेंदुए की उपस्थिति प्राप्त नहीं हुई है। लोगों से अफवाहों में ध्यान न देने व सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है। साथ ही रात के समय अकेले न निकलने और समूह में खेतों पर जाने के लिए कहा है। तेंदुआ रिहायशी इलाके में नहीं है।
20 से अधिक गांवों में चला ड्रोन रेस्क्यू अभियान
डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि फिलहाल तेंदुआ जिले में नहीं दिखा है। पांच ड्रोन टीमों ने अब तक रवा, भेंड़, भेदपुरा, लौना, कुठौंदा, रेंढ़र, कुंवरपुरा, पचीपुरा सहित 20 से अधिक गांवों में रेस्क्यू अभियान चलाया गया है। अब माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के गांवों में रेस्क्यू आपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल कहीं भी तेंदुआ दिखाई नहीं दिया है। मप्र की सीमा तक ड्रोन से निगरानी होगी। |
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