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एक ही चिता पर हुआ दंपती का अंतिम संस्कार। फाइल फोटो
संवाद सूत्र, हाटा बाजार। सड़क दुर्घटना में मृत दंपती रामनयन निषाद और ईशा देवी का रविवार को अंतिम संस्कार राप्ती नदी घाट पर किया गया। दोनों का शव एक ही चिता पर रखे गए। बड़े पुत्र बृजेश ने कांपते हाथों से माता-पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख घाट पर मौजूद लोग भावुक हो उठे।
दंपती के निधन से उनके चारों पुत्रों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। अंतिम संस्कार के दौरान चारों बेटे माता-पिता से लिपटकर फूट-फूट कर रो पड़े। जिसें देख घाट पर मौजूद ग्रामीणों और शुभचिंतकों की आंखें भी नम हो गईं।
लोगों ने बताया कि रामनयन निषाद मृदुलभाषी और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने जीवन भर पत्नी का साथ निभाया और अंतिम समय में भी दोनों एक-दूसरे से जुदा नहीं हुए।
नवाचक रकहट निवासी 57 वर्षीय रामनयन निषाद शुक्रवार को अपनी पत्नी ईशा देवी को बाइक से लेकर ताल में लगी फसल की निगरानी करने जा रहे थे। जैसे ही वे नवाचक चौराहे से आगे स्थित पुलिया पर पहुंचे, तभी विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक स्कॉर्पियो ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद दोनों को इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया जा रहा था। रास्ते में ईशा देवी ने दम तोड़ दिया, जबकि मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर रामनयन को भी मृत घोषित कर दिया गया।
शनिवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ। समय लगने के कारण दंपती का दाह संस्कार रविवार को रकहट चौराहे के समीप राप्ती नदी घाट पर किया गया।
इस मामले में पुलिस ने रामनयन के भाई रामदवन की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और वाहन की तलाश में जुटी हुई है। |
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