अंबाला में संदिग्ध कार में धमाका। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, अंबाला। बलदेव नगर थाना परिसर में शनिवार को डीएल-3सीएजेड-6651 नंबर कार खड़ी कर युवक निकल गया। कार में दो बार हल्के धमाके हुए। जिस समय कार थाने में खड़ी की गई उस समय करीब 250 पुलिसकर्मी गणतंत्र दिवस की तैयारी के चलते एयरफोर्स स्टेशन के पास सघन तलाशी अभियान चला रहे थे।
इस मामले में रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआइए) की दो सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची। उधर, बलदेव नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कार में मिले पांच-पांच किलो के तीनों एलपीजी सिलिंडरों पर रेगुलेटर लगे थे।
रविवार को पुलिस ने एनआइए से संपर्क किया, जिसके बाद एक टीम अंबाला पहुंची। टीम में डीएसपी और इंस्पेक्टर शामिल रहे। उन्होंने आइपीएस एएसपी उत्तम से घटनाक्रम की जानकारी ली। बताया जा रहा है पुलिस ने कई संदिग्धों की शिनाख्त पुलिस कर ली है।
एसपी ने थाना खाली करने के निर्देश दिए तो उठा पर्दा
थाने में खड़ी कार में शाम के समय आग लगी, लेकिन पुलिस कर्मियों ने इसे सामान्य घटना मानकर बुझा दिया। शनिवार रात करीब आठ बजे एसपी ने स्वयं बलदेव नगर थाने फोन किया और थाने को तुरंत खाली करने के निर्देश दिए। एसपी को किसी ने वीडियो भेजकर इस कार के बारे में जानकारी दी थी। सीआइए, एसटीएफ, बलदेव नगर थाना की टीमें और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचे। गाड़ी से 5-5 किलो के तीन सिलेंडर के अलावा कुछ विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। सीसीटीवी की जांच में पता चला कि एक युवक शनिवार दोपहर करीब पौने दो बजे गाड़ी खड़ी करके पैदल ही निकल गया था, जो पंजाब का बताया जा रहा है।
रात सवा 11 बजे तक खंगाले गए टोल प्लाजा
पुलिस की टीमों ने शनिवार रात को सवा 11 बजे पहले आसपास का क्षेत्र खंगाला। इसके बाद दप्पड़ टोल व देवीनगर टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। पुलिस की पांच टीमें जिनमें सीआइए-1, सीआइए-2, बलदेव नगर थाना पुलिस और एसटीएफ की दो टीमें रविवार को भी दिनभर जांच में जुटी रहीं।
दिल्ली से पंजाब तक जुड़े तार
जांच में सामने आया कि यह कार डीडीए मार्केट, शेख सराय, साउथ दिल्ली निवासी एक व्यक्ति नागी के नाम पर थी। नागी ने यह पुरानी कार खरीदी थी। वर्ष 2020 में भी यह कार बिकी। यह कार कई बार बिकी। आखिरी बार यह पंजाब में बिकी थी। 27 मई 2024 के बाद इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। केवल शपथ पत्र पर आगे से आगे बिकती रही। इस कार का वर्ष 2012 में अंतिम समय इंश्योरेंस करवाया गया था।
आतंकी घटना या अन्य साजिश
फिलहाल पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान जरूर की है, लेकिन कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कार को थाने के भीतर ही क्यों खड़ा किया गया? यह महज लापरवाही थी या किसी साजिश का हिस्सा? कार में आग कैसे लगी? खुद लगी या लगाई गई? यह आतंकी घटना है या किसी अन्य साजिश का हिस्सा। फिलहाल जांच के बाद ही साफ होगा।
पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। गाड़ी किसने थाने में खड़ी की, क्यों की और गाड़ी किसके नाम है यह सब जांच का विषय हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - उत्तम, एएसपी, अंबाला। |
|