राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (फाइल)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को एक अमेरिकी अदालत से झटका लगा है। एक संघीय न्यायाधीश ने शनिवार को ट्रंप प्रशासन की उस नीति पर रोक लगा दी, जिसके तहत एक आव्रजन कार्यक्रम को रोक दिया गया था। इस कार्यक्रम के तहत मध्य और दक्षिण अमेरिकी देशों के कुछ प्रवासियों को वीजा की प्रतीक्षा करते समय अमेरिका में अपने परिवार के सदस्यों के साथ फिर से मिलने की अनुमति दी गई थी।
मैसाचुसेट्स स्थित अमेरिकी जिला न्यायालय की न्यायाधीश इंदिरा तलवानी ने पांच पृष्ठों के एक आदेश में ट्रंप प्रशासन द्वारा पिछले महीने परिवार पुनर्मिलन पैरोल कार्यक्रम के नाम से जाने जाने वाले आव्रजन कार्यक्रम को रद करने के फैसले पर 14 दिनों के लिए रोक लगा दी है, जबकि कानूनी चुनौतियां जारी हैं।
यह आदेश बाइडन दौर की कई आव्रजन नीतियों को लेकर ट्रंप प्रशासन और अदालतों के बीच चल रही लंबी लड़ाई में एक और करारा प्रहार है। इन नीतियों को ट्रंप रद करने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को एक बयान में गृह सुरक्षा विभाग ने कहा था कि वह कोलंबिया, क्यूबा, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती और होंडुरास से आए प्रवासियों के लिए पारिवारिक पुनर्मिलन पैरोल कार्यक्रमों को समाप्त कर देगा। इसने कहा था कि इन कार्यक्रमों में \“\“पर्याप्त जांच-पड़ताल के कारण सुरक्षा खामियां थीं, जिनका फायदा उठाकर दुर्भावनापूर्ण और धोखाधड़ी करने वाले लोग अमेरिका में प्रवेश कर सकते थे।\“\“
इसमें यह भी कहा गया कि वर्तमान में एफआरपी (फैमिली रि-यूनियन प्रोग्राम) कार्यक्रम में नामांकित प्रवासी, जिनके स्थायी निवास आवेदन लंबित नहीं हैं, 14 जनवरी को अपनी कानूनी स्थिति खो देंगे।
29 दिसंबर को प्रवासियों के एक समूह ने कार्यक्रमों की समाप्ति को लेकर गृह सुरक्षा विभाग को चुनौती दी। उन्होंने तर्क दिया कि गृह सुरक्षा विभाग ने कार्यक्रमों को रद करते समय उचित प्रक्रिया के अपने सबसे बुनियादी दायित्वों को पूरा करने में घोर लापरवाही बरती।
इस चुनौती में प्रवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने अनुमान लगाया कि प्रशासन के इस निर्णय के परिणामस्वरूप 10,000 से अधिक प्रवासी, जिनमें से एक चौथाई से अधिक बच्चे हैं, अमेरिका में अपनी कानूनी स्थिति खो देंगे।
तलवानी ने अपने आदेश में कहा कि गृह सुरक्षा विभाग इन कार्यक्रमों की देखरेख करता है और प्रशासन द्वारा इन्हें रद करने के प्रयास के बाद यह विभाग प्रभावित प्रवासियों को पर्याप्त लिखित सूचना देने में विफल रहा।
(समाचार एजेंसी इनपुट के साथ) |
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