विकास वर्मा, मोदीनगर। एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) कार्य में मैपिंग के दौरान मोदीनगर तहसील के 13 हजार लोगों का डाटा नहीं मिला है। अधिकांश लोगों ने बीएलओ को डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में इन सभी का नाम मतदाता सूची से वंचित रह सकता है।
इसलिए प्रशासन ने इन लोगों को आखिरी मौका दिया है। इन सभी लोगों को नोटिस जारी किये गए हैं। इन्हें अपने दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में एईआरओ (सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के सामने प्रस्तुत करने होंगे। कुल 14 एईआरओ नियुक्त किये गए हैं, जिनकी ड्यूटी अलग-अलग बूथ पर रहेगी। यह अभियान एक महीने चलेगा। इसके बाद लोगों को कोई अवसर नहीं मिलेगा।
10-15 साल से मोदीनगर में ही रह रहे हैं लोग
एसआईआर कार्य अंतिम चरण में है। अंतिम सूची का प्रकाशन भी हो चुका है। इस दौरान सामने आया कि वर्ष 2003 में जिले की मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने व अन्य कारणों के चलते मोदीनगर तहसील के 13 हजार लोग एसआइआर में शामिल नहीं हो सके हैं। जबकि लोगों का दावा है कि वे 10-15 साल से मोदीनगर में ही रह रहे हैं।
पिछले चुनाव में मतदान तक कर चुके हैं। ये लोग अपने दस्तावेज भी बीएलओ को उपलब्ध नहीं करा सके। ऐसे में जब डाटा ही नहीं मिला तो अंतिम सूची में इनका नाम भी शामिल नहीं किया गया। प्रशासन ने अब इन 13 हजार लोगों की सूची तैयार कर नोटिस जारी किये जा रहे हैं।
इन नोटिस को साथ लेकर अपने दस्तावेज साक्ष्य के रूप में लोग एईआरओ के सामने प्रस्तुत करेंगे। उसी आधार पर एईआरओ अंतिम निर्णय लेंगे। अधिकारियों का कहना है कि लोगों द्वारा एसआइआर कार्य को लेकर गंभीरता नहीं बरतने का ही यह परिणाम है।
एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ को भी मिली है एईआरओ की जिम्मेदारी
कुल 14 एईआरओ को मोदीनगर तहसील में तैनात किया गया है। एसडीएम मोदीनगर अजित कुमार सिंह, तहसीलदार रजत सिंह व बीडीओ को भी एईआरओ की जिम्मेदारी दी गई है। पहले दस एइआरओ थे, जिनमें अब चार की बढ़ोतरी हुई है। नोटिस प्राप्त होने पर लोग इनके कार्यालय में ही दस्तावेज लेकर पहुंच सकते हैं। ये दस्तावेज पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्मप्रमाण पत्र, वोटर कार्ड, पेन कार्ड समेत 11 हैं।
लोगों को अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए आखिरी अवसर दिया गया है। 13 हजार लोगों को नोटिस जारी किये जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि एसआइआर को गंभीरता से लें।
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-अजित कुमार सिंह, एसडीएम मोदीनगर |
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