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Noida Airport का उद्घाटन कब होगा और कितनी सुरक्षित होगी हवाई यात्रा? यहां पढ़ें हर सवाल का जवाब

Chikheang 2 hour(s) ago views 603
  



अरविंद मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ हवाई यात्रा को आसान बनाने वाले इस एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर कई बार अटकलें लगी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएसए) से सिक्योरिटी अप्रूवल न मिलने के कारण उद्घाटन का इंतजार बढ़ता गया है।

अखिरकार यह इंतजार कितना लंबा होगा, बीसीएएस की आपत्ति के मद्देनजर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कितना सुरक्षित होगा और गौतमबुद्ध नगर समेत आसपास के इलाके में इस एयरपोर्ट के शुरू होने से सामाजिक-आर्थिक समृद्धि का मार्ग कैसे प्रशस्त होगा।

यमुना प्राधिकरण एयरपोर्ट के कारण निवेश के लिए बने माहौल का फायदा उठाने के लिए कितना तैयार है। किसानों और आवंटियों की समस्याओं की चुनौती कब तक हल होगी, इन सवालों को लेकर वरिष्ठ संवाददाता अरविंद मिश्रा ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. एवं यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह से बातचीत की। प्रस्तुत हैं इसके प्रमुख अंश:
नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख कई बार तय हुईं, लेकिन हर बार उद्घाटन टल गया, आखिर कब तक उद्घाटन होगा। एयरपोर्ट यात्रियों के लिए कितना सुरक्षित होगा?

नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय से जैसे ही तारीख तय हो जाएगी, उद्घाटन कर दिया जाएगा। एयरपोर्ट असुरक्षित जैसी कोई बात नहीं है। यह आधुनिक तकनीक से लैस एयरपोर्ट है। सुरक्षा के लिए सभी आधुनिक प्रबंध किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसको लेकर बेहद गंभीर हैं।

  

राकेश कुमार सिंह, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. एवं यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी  

एयरपोर्ट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। यात्री सुरक्षा, हैंडलिंग, प्रस्थान और आगवन, लगेज बेल्ट समेत सभी आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने हाल में चार दिन एयरपोर्ट का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की है। पूर्व में जो खामियां बताई गई थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है।
यदि सब कुछ तैयार है, तो उद्घाटन और संचालन में विलंब क्यों है?

एयरपोर्ट के संचालन के लिए एयरो ड्रम लाइसेंस जारी है। डीजीसीए इसे बीसीएएस की रिपोर्ट के बाद जारी करता है। एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े कुछ खास कार्य होते हैं, जिनमें सुरक्षा अलार्म, कैमरे, वाच टावर, आदि शामिल हैं ताकि एयरपोर्ट की सुरक्षा घेरे में कहीं भी कोई घुसने का प्रयास करता है जो तुरंत उसका पता चल जाता है। इन सुरक्षा उपायों को पूरा किए बिना एयरपोर्ट पर विमान सेवा संचालित नहीं की जा सकती है।

इन कार्यों को पूरा कर लिया गया है, जो कार्य एयरपोर्ट के ऑपरेशनल होने के साथ भी हो सकते हैं। उन्हें विमान सेवा शुरू होने के दौरान पूरा कर लिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। डीजीसीए से एयरो ड्रम लाइसेंस जारी होते ही प्रदेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को उद्घाटन की तारीख तय करने का अनुरोध किया जाएगा। तय मानिए एयरपोर्ट के लिए अब अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से क्षेत्र की कनेक्टिविटी कितनी मजबूत होगी?

देश में शायद ही कोई एयरपोर्ट होगा जो नोएडा एयरपोर्ट जैसी कनेक्टिविटी से जुड़ा होगा। आमतौर पर एयरपोर्ट एक या दो मार्ग से जुड़े होते हैं। नोएडा एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के अलावा यमुना प्राधिकरण की 60 व 130 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ा होगा।

एनएचएआई के प्रस्तावित खुर्जा पलवल मार्ग से भी इसकी कनेक्टिविटी होगी। एनसीआर के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश के सीमा वर्ती जिले एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जड़ेंगे।

इसके अलावा रीजनल रेपिड ट्रांजिस सिस्टम (आरआरटीएस) से भी कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। इसके लिए सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। डीपीआर पर काम हो रहा है। नोएडा एयरपोर्ट की मजबूत कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं। उनके अनुसार कार्रवाई की गई है।
नोएडा एयरपोर्ट से क्षेत्र के लोगों को क्या फायदा होगा?

देखिये जब भी कोई बड़ी परियोजना आती है तो उसकी वजह से क्षेत्र के लोगों के सामाजिक आर्थिक जीवन पर उसका प्रभाव पड़ता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के साथ नए विकसित हो रहे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। क्षेत्र का सामाजिक व आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।

प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसका सीधा फायदा क्षेत्र के लोगों को ही सबसे अधिक मिलेगा। औद्योगिक व आवासीय मांग बढ़ने से एक पूरा ईको सिस्टम विकसित होगा। जहां शिक्षा, रोजगार, आवास, परिवहन जैसी सभी सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। नौकरी के अलावा व्यापार के अवसर बढ़ेंगे। सेवा क्षेत्र विकसित होगा। इसके जरिये भी बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा।

एयरपोर्ट शुरू होने से लोगों की रात में भी इलाके में आवाजाही बढ़ेगी। एयरपोर्ट शहरी क्षेत्र से अभी बाहर है, जहां आबादी न के बराबर है। सुरक्षा को लेकर क्या प्लान है?

नोएडा एयरपोर्ट ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट है। अभी वहां तक शहरी क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। प्राधिकरण ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग के लिए छह वाहन पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।

अस्थाई चौकी बनाई जा रही हैं। पिछले छह माह के आंकड़ों पर निगाह डाले तो यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भी आपराधिक घटना सामने नहीं आई है। यह ढृढ़ कानून व्यवस्था के कारण ही संभव हुआ है। एयरपोर्ट पर थाना बनाया जा रहा है। इसके लिए पुलिस को एक हजार वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराई गई है। लाइट आदि की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है।
अमिताभ कांत समिति की सिफारिश पर लिगेसी प्रोजेक्ट पालिसी लागू होने के बावजूद घर खरीदारों को कब्जा क्यों नहीं मिल पा रहा है?

लिगेसी प्रोजेक्ट पॉलिसी में यीडा में छह बिल्डरों ने आवेदन किया था। करीब साढ़े चार सौ खरीदारों की रजिस्ट्री भी हो चुकी हैं। कुछ बिल्डरों के मामले शासन में विचाराधीन है। उनके खिलाफ कार्रवाई पर हाई कोर्ट चले गए थे।

हाई कोर्ट ने शासन में विचाराधीन मामला निस्तारित न होने तक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। शासन से विचाराधीन मामलों पर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है। बोर्ड इस प्रकरण में नियमित समीक्षा कर रहा है। बिल्डर परियोजना में फ्लैट खरीदारों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है।
यमुना प्राधिकरण के गठन को लंबा समय बीत चुका है, आखिर कब तक औद्योगिक शहर का स्वरूप देखने को मिलेगा?

देखिये प्राधिकरण अभी तक 3116 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन कर चुका है। कई कंपनियों को जमीन आवंटन के लिए आशय पत्र जारी किए गए हैं। उन्हें भी जल्द जमीन आवंटन किया जाएगा। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने से प्राधिकरण क्षेत्र के विकास में और तेजी आएगी।

हमें समझना होगा कि आवश्यकता अविष्कार की जननी होती है। उद्योग से शहर की बसावट तेजी होगी और नागरिक सुविधाएं विकसित होंगी। नोएडा पचास साल में तकरीबन 50 हजार एकड़ क्षेत्र विकसित कर पाया है। ग्रेटर नोएडा 37 साल में 70 प्रतिशत जमीन अधिगृहीत कर पाया है।

यमुना प्राधिकरण के फेज एक में एक लाख एकड़ जमीन अधिसूचित है। मास्टर प्लान में 78 हजार एकड़ जमीन शामिल है। इसमें 36 हजार एकड़ अधिगृहीत की जा चुकी है। जमीन अधिग्रहण पर तेजी से काम हो रहा है।
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